मेस्सी का जादू चलेगा या केन का करिश्मा, अटलांटा स्टेडियम में फिर जीवंत होगी पुरानी प्रतिद्वंद्विता

Ads

मेस्सी का जादू चलेगा या केन का करिश्मा, अटलांटा स्टेडियम में फिर जीवंत होगी पुरानी प्रतिद्वंद्विता

  •  
  • Publish Date - July 14, 2026 / 01:14 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 01:14 PM IST

अटलांटा, 14 जुलाई (भाषा) अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की बहुचर्चित प्रतिद्वंद्विता बुधवार को यहां जब विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में फिर से जीवंत होगी तो सबकी नजर इस पर टिकी रहेगी कि इसमें लियोनेल मेस्सी के पांवों का जादू चलेगा या हैरी केन का करिश्मा।

मेस्सी ने अब तक मौजूदा टूर्नामेंट में आठ गोल करके अर्जेंटीना की जीत में अहम भूमिका निभाई है तो केन भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं है जिन्होंने छह गोल दागे हैं। यह दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आमने-सामने होंगे क्योंकि दोनों टीम के बीच 2005 के बाद कोई मुकाबला नहीं हुआ है। केन को जूड बेलिंगहम (छह गोल) का भी अच्छा साथ मिला है।

इंग्लैंड की टीम के लिए जहां मेस्सी को रोकना एक चुनौती होगी वहीं केन और बेलिंगहम के सामने अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी। बेलिंगहम बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और अर्जेंटीना को उनसे सतर्क रहना होगा।

इन दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए मैच के दौरान तनाव भी होने की संभावना है।

फिर चाहे वह 1966 में खेले गए विश्व कप में अर्जेंटीना के तत्कालीन कप्तान एंटोनियो रैटिन को बाहर भेजने का मामला हो या फुटबॉल के मैदान से इतर 1982 में फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर हुआ संघर्ष, इन दोनों देशों के बीच फुटबॉल के मैदान के अंदर और बाहर तनाव देखने को मिला है।

जब इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मैच की बात हो तो फिर विश्व कप 1986 में डिएगो माराडोना के ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल को कैसे भुलाया जा सकता है। उनके इस गोल के दम पर अर्जेंटीना जीत हासिल करने में सफल रहा था। इसके बाद 1998 में डेविड बेकहम को बाहर भेजे जाने और इसके चार साल बाद इस स्टार खिलाड़ी के फ्री किक पर किए गए गोल ने प्रतिद्वंद्विता को चरम पर पहुंचाया।

इन दोनों टीम ने अभी तक अजेय रहकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम को हाल के मैचों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है। ग्रुप चरण में अपने तीनों मैच जीतने वाले अर्जेंटीना का केप वर्दे के खिलाफ मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा। इसके बाद उसे मिस्र और स्विट्जरलैंड को हराने में भी संघर्ष करना पड़ा। अर्जेंटीना विश्व कप में 12 मैचों से अजेय है।

इंग्लैंड ने भी अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था। उसने अंतिम 16 के मैच में मैक्सिको को 3-2 से हराया और फिर नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में पिछड़ने के बाद बेलिंगहम के दो शानदार गोल की मदद से 3-2 से जीत हासिल की।

इंग्लैंड की राइट-बैक की समस्या अभी भी बनी हुई है। जेरेल क्वांसा निलंबित हैं और चोटिल रीस जेम्स को शुरुआती लाइनअप में शामिल किए जाने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में एजरी कोंसा या जेड स्पेंस को अर्जेंटीना की तरफ से बाएं छोर से होने वाले आक्रमण के खिलाफ मोर्चा संभालना होगा।

अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध हैं जिससे उसके कोच लियोनेल स्कालोनी के लिए शुरुआती एकादश का चयन करना आसान नहीं होगा। उन्हें यह तय करना है कि अपने करिश्माई कप्तान मेस्सी के साथ जूलियन अल्वारेज़ को खिलाया जाए या लोटारो मार्टिनेज़ को।

इस मैच में मिडफील्ड में रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। इंग्लैंड को अपना पूरा ध्यान मेस्सी पर लगाने से बचना होगा जो एंज़ो फर्नांडीज़ और एलेक्सिस मैक एलिस्टर के साथ मिलकर इंग्लैंड की रक्षात्मक पंक्ति को भेदने और उनके आक्रामक डिफेंस के पीछे मौजूद खाली जगह का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल की रणनीति रक्षात्मक चूक को कम करने को प्राथमिकता देनी होगी। डेक्लान राइस और कोबी मैनू की मेस्सी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

अर्जेंटीना के सामने एक बेहद कठिन मानसिक चुनौती है। आत्मविश्वास से भरी इंग्लैंड टीम को रोकना, जिसे अब तक अर्जेंटीना की तरह ही आखिर तक हार नहीं मानने का जज्बा दिखाया है। अर्जेंटीना का रक्षापंक्ति में दारोमदार क्रिस्टियन रोमेरो पर होगा।

इन दोनों टीम के बीच यह छठा मुकाबला होगा। इससे पहले खेले गए पांच मैच में इंग्लैंड ने तीन और अर्जेंटीना ने दो में जीत हासिल की है। विश्व कप में पांचवीं बार यह दोनों टीम आमने-सामने होंगी। विश्व कप में दोनों के बीच अभी मुकाबला 2-2 से बराबरी पर है।

भाषा

पंत सुधीर

सुधीर