महिला जूनियर एशिया कप: जापान को 7-0 से हराकर भारत क्वार्टर फाइनल में

महिला जूनियर एशिया कप: जापान को 7-0 से हराकर भारत क्वार्टर फाइनल में

महिला जूनियर एशिया कप: जापान को 7-0 से हराकर भारत क्वार्टर फाइनल में
Modified Date: September 8, 2026 / 01:27 pm IST
Published Date: September 8, 2026 1:27 pm IST

मोकी (चीन), आठ सितंबर (भाषा) भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने एशिया कप में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए मंगलवार को यहां अपने तीसरे एलीट पूल मैच में जापान को 7-0 से करारी शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली।

इस जीत से भारत के तीन मैचों में नौ अंक हो गए हैं और वह अभी एलीट पूल में शीर्ष पर है।

भारत बुधवार को पूल के अपने आखिरी मैच में चीन का सामना करेगा, जिससे पूल में शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीम का निर्धारण होगा। चीन के अभी दो मैचों में छह अंक हैं।

कोरिया के खिलाफ 4-1 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने और फिर मलेशिया के खिलाफ 11-1 से बड़ी जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम ने जापान के खिलाफ मुकाबले में अपनी आक्रामक लय को बरकरार रखा और शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बना लिया।

भारत के शुरुआती दबाव का फायदा उसे पांचवें मिनट में मिला जब कृष्णा शर्मा ने गोल दागकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।

भारत को नौवें मिनट में जापानी डिफेंडर के सर्कल के अंदर फाउल करने से पेनल्टी मिली। सुप्रिया ने इसे गोल में बदलकर भारत को 2-0 से आगे कर दिया।

भारत ने अपना दबदबा बनाए रखते हुएर पहले क्वार्टर के आखिरी क्षणों में तीसरा गोल दागा। पूर्णिमा यादव ने 14वें मिनट में मैदानी गोल किया जिससे भारत ने पहले क्वार्टर में 3-0 की अच्छी बढ़त हासिल कर ली।

दूसरे क्वार्टर में जापान ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और मैच में वापसी की कोशिश की। भारत ने भी अपनी बढ़त मजबूत करने की कोशिश की लेकिन दोनों में से कोई भी टीम इस क्वार्टर में गोल नहीं कर सकी। इस तरह से भारत हाफटाइम तक 3-0 से आगे था।

जापान ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भी आक्रमण को प्राथमिकता दी लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति के सामने उसकी एक नहीं चली। इसके बाद भारत ने पांच मिनट के भीतर तीन गोल दाग दिए।

गीता यादव ने 41वें मिनट में मैदानी गोल दागकर स्कोर 4-0 कर दिया। गीता ने 45वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इसके तुरंत बाद पूर्णिमा ने भी अपना दूसरा गोल किया और तीसरे क्वार्टर के अंत तक भारत को 6-0 की बढ़त दिला दी।

भारतीय टीम ने अंतिम क्वार्टर में भी अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा और 50वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने के गोल से टूर्नामेंट में अपनी तीसरी जीत सुनिश्चित की।

भाषा

पंत मोना

मोना


लेखक के बारे में