(फिलेम दीपक सिंह)
नागोया, 29 सितंबर (भाषा) आइची नागोया एशियाई खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में आखिरकार तिरंगा लहराया और राष्ट्रगान बजा जब महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने कई दिन का इंतजार खत्म करके एथलेटिक्स में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया ।
किरण पहल, एम आर पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम पर ट्रैक और फील्ड स्पर्धा के आखिरी दिन स्वर्ण जीता ।
भारतीय टीम ने तीन मिनट 29 . 69 सेकंड का समय निकाला । बहरीन तीन मिनट 30.21 सेकंड के साथ दूसरे और चीन तीन मिनट 31 .02 सेकंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहा ।
छह दिन के इंतजार के बाद भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिला। भारत ने 2026 एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में अपने अभियान का अंत 24 पदक के साथ किया जिसमें एक स्वर्ण , नौ रजत और 14 कांस्य पदक शामिल थे। हांगझोउ में 2023 खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य समेत 29 पदक जीते थे ।
वहीं गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए पुरूषों की 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32 . 75 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता जो इन खेलों में उनका तीसरा पदक था ।
भारत ने 2002 से 2018 तक चार गुणा 400 मीटर महिला रिले में स्वर्ण जीता था जबकि 2018 में उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा था । इससे पहले 1986 में भारत ने स्वर्ण, 1982, 1990, 1994 और 1998 में रजत पदक जीता था ।
आखिरी चरण की शुरूआत में भारत तीसरे स्थान पर था लेकिन विथ्या ने चीन की जुओ सियू और बहरीन की सलवा नासिर को पछाड़ा ।
प्राची ने कहा ,‘‘ हर कोई कह रहा था कि एथलेटिक्स में स्वर्ण नहीं मिलेगा लेकिन हमने ठान रखा था कि स्वर्ण जीतना ही है । हमने वह कर दिखाया ।’’
विथ्या ने कहा ,‘‘ हम आगे नहीं चल रहे थे तो आखिर में मुझे कुछ अतिरिक्त करना था। मैने एक को पछाड़ा और फिर दूसरी को पीछे छोड़कर फिनिश लाइन पर पहुंची । मेरी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया जिसकी वजह से सलवा मुझसे आगे नहीं निकल सकी ।’’
इससे पहले गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर, स्नेहा सत्यनारायण और हरिता भद्रा ने चार गुणा 100 मीटर मिश्रित रिले फाइनल में सत्र का सर्वश्रेष्ठ 41 . 06 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता ।
भारत की पूजा सिंह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहरा नहीं सकी लेकिन 1 . 84 मीटर की कूद से महिलाओं की ऊंची कूद में कांस्य पदक जीता ।
इन खेलों में भारत की आखिरी एथलेटिक्स स्पर्धा में धरमवीर चौधरी, मनु थेक्किनलिल, जय कुमार और विशाल थेन्नारासू ने पुरूषों की चार गुणा 400 मीटर रिले फाइनल में कांस्य पदक जीता । जापान को स्वर्ण और कतर को रजत पदक मिला ।
गुलवीर ने पुरूषों की 1500 मीटर और 10000 मीटर रेस में रजत पदक जीता था ।
इसके साथ ही वह ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में एक ही एशियाई खेलों में तीन पदक जीतने वाले भारत के दूसरे पुरूष खिलाड़ी बन गए । इससे पहले 1951 में दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों में भारत के लेवी पिंटो ने 100 मीटर, 200 मीटर में स्वर्ण और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीता था ।
पी टी उषा ने सियोल में 1986 एशियाई खेलों में चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था । मध्यम दूरी की धाविका के एम बीनामोल ने 2002 बुसान एशियाई खेलों में तीन पदक जीते थे ।
गुलवीर के बाद चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम 41 . 06 सेकंड का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रही । चीन को स्वर्ण और थाईलैंड को रजत पदक मिला ।
भारत के देव कुमार मीणा ने पुरूषों के पोल वॉल्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए 5 . 50 मीटर का प्रयास किया लेकिन सातवें स्थान पर रहे । महिलाओं की 800 मीटर में पूजा ओल्ला और पुरूष वर्ग में मोहम्मद अफजल क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर रहे ।
भाषा मोना सुधीर
सुधीर