विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज : चौथे दिन भारत ने दो स्वर्ण समेत जीते पांच पदक

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विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज : चौथे दिन भारत ने दो स्वर्ण समेत जीते पांच पदक

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 05:22 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 05:22 PM IST

अहमदाबाद, आठ सितंबर (भाषा) भारतीय तीरंदाजों ने पैरा तीरंदाजी विश्व सीरीज के समापन से एक दिन पहले मंगलवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए।

पुरुषों की कंपाउंड और रिकर्व टीमों ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि स्वाति चौधरी ने एक ही दिन में दो पदक हासिल किए।

मौजूदा विश्व चैंपियन तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष कंपाउंड जोड़ी ने इराक को 152-139 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की रिकर्व जोड़ी ने स्लोवाकिया को 6-2 से पराजित कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

महिला रिकर्व टीम में भावना और पूजा को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के हाथों 0-6 (23-34, 33-35, 30-31) से हार मिली।

स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू-1 (रिकर्व/कंपाउंड) स्पर्धा में रजत पदक जीता।

स्वाति ने इसके बाद दोपहर के सत्र में व्यक्तिगत डब्ल्यू-1 वर्ग में कांस्य पदक भी अपने नाम किया। उन्होंने व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट (एआईएन) के झंडे के तहत खेल रही रूस की एलेना क्रुतोवा को 6-2 से हराया। इस तरह स्वाति ने एक ही दिन में रजत और कांस्य, दोनों पदक हासिल किए।

स्वामी और तोमन ने पुरुष कंपाउंड टीम स्पर्धा के फाइनल में इराक के अब्बास कादिम और अनवर अलदावोद को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत की, लेकिन इसके बाद जल्द ही लय हासिल कर ली और फिर उसे जीत दर्ज करने में कोई परेशानी नहीं हुई।

हरविंदर और सुंडी ने पहले सेट में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए स्लोवाकिया के डेविड इवान और डेनिस इवान को 6-2 (34-37, 36-31, 38-34, 35-31) से हराया।

महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी भारत कांस्य पदक से चूक गया। शीतल देवी और पायल नाग तीसरे स्थान के प्लेऑफ में चीन की वांग हुईटिंग और गाओ फांग्शिया की जोड़ी से हार गईं। चीन की तीरंदाजों ने यह मुकाबला 6-0 (34-23, 35-33, 31-30) से जीतकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

स्वाति और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी को मिश्रित टीम डब्ल्यू-1 (रिकर्व/कंपाउंड) के फाइनल में चेक गणराज्य की शार्का पुल्तार मुसिलोवा और डेविड द्राहोनिंस्की के हाथों 1-5 (31-38, 33-37, 33-33) से हार का सामना करना पड़ा।

डब्ल्यू-1 रिकर्व/कंपाउंड वर्ग गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले पैरा तीरंदाजों के लिए विशेष श्रेणी है। इस वर्ग में खिलाड़ी व्हीलचेयर से निशाना लगाते हैं और एक ही स्पर्धा में रिकर्व या कंपाउंड धनुष का इस्तेमाल कर सकते हैं।

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर