कुश्ती ने संन्यास नहीं लूंगी, विनेश ने कहा
कुश्ती ने संन्यास नहीं लूंगी, विनेश ने कहा
गोंडा (उत्तर प्रदेश), 11 मई (भाषा) विनेश फोगाट ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) में सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि वह इस खेल को छोड़ दें लेकिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वह हार स्वीकार नहीं करेंगी और उन्हें अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगी।
डब्ल्यूएफआई ने विनेश को यहां होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए तब तक अयोग्य घोषित कर दिया था जब तक उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती लेकिन वह सोमवार को यहां पहुंचीं और इस बात पर अड़ी रहीं कि वह इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की पात्र हैं।
डब्ल्यूएफआई अधिकारियों से मिलने के बाद विनेश ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आप मेरे से क्या उम्मीद करते हैं? क्या मैं संन्यास ले लूं और दूर हो जाऊं? हार मान लूं? जिससे कि मेरे खिलाफ उनकी साजिश कामयाब हो जाए? वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूं, मैं थक जाऊं, मैं हाथ जोड़ लूं और चली जाऊं। संजय सिंह, बृज भूषण, उनकी टीम, वे सभी जिनका इस पर नियंत्रण है, जिनके पास सत्ता है।’’
इस 31 वर्षीय दो बार की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता ने कहा कि उन्हें डब्ल्यूएफआई अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सजा दी जा रही है। विनेश ने डब्ल्यूएफआई अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाया और कहा कि देश का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करने के बावजूद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं।
विनेश ने कहा, ‘‘मैंने देश का प्रतिनिधित्व किया है। मैं ओलंपिक में गई हूं, मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में खेला है, मैंने विश्व स्तर पर खेला है। आप मुझे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ कह रहे हैं। क्या आपने अपनी भाषा देखी है? क्या आपको लगता है कि मैं वहां सुरक्षित हूं? क्या मेरे लिए वहां कोई सुरक्षित माहौल है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘शायद वह (डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह) मुझे आतंकवादी कह रहे हैं। उनकी भाषा में मैं खालिस्तानी भी हो सकती हूं। लेकिन मैं इस देश की एक सम्मानित नागरिक हूं। मुझे लड़ने का अधिकार है। मैं देश के किसी भी हिस्से में जा सकती हूं।’’
विनेश ने कहा, ‘‘मैं सुरक्षित महसूस नहीं करती। मुझे बोलने का अधिकार है। इस संविधान ने मुझे यह अधिकार दिया है। संजय सिंह ने मुझे यह अधिकार नहीं दिया है। ना ही किसी महासंघ ने मुझे यह अधिकार दिया है। और एक नागरिक के तौर पर मुझे अपने अधिकारों की जानकारी है।’’
डब्ल्यूएफआई ने विनेश को एक कड़े शब्दों वाला ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता, महासंघ के नियमों का उल्लंघन और डोपिंग रोधी प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन्हें सजा दी जा रही है।
विनेश ने कहा, ‘‘यह सब (डब्ल्यूएफआई के मौजूदा प्रशासन के खिलाफ बोलना) इसी वजह से हमारे साथ हो रहा है। इसके अलावा कोई और वजह नहीं है। हमने आवाज क्यों उठाई? हमने इसके खिलाफ क्यों बोला? जिस व्यवस्था के जरिए वे काम कर रहे थे, पर्दे के पीछे वे जो कुछ भी कर रहे थे, उसे उन्हें दुनिया के सामने नहीं लाना चाहिए था। मुझे उसी की सजा मिल रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘और मैं यह सब झेल रही हूं। लेकिन भगवान ने मुझे यह सब सहने की ताकत दी है। मैं यह सब सहूंगी। देश की जनता यह सब देख रही है। मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं और मुझमें ताकत है। मैं पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ अपने रास्ते पर चल रही हूं। वह (भगवान) मुझे इसका फल जरूर देंगे।’’
डब्ल्यूएफआई ने विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। इसके पीछे उन्होंने डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास से लौटने वाले खिलाड़ियों के लिए जरूरी छह महीने के नोटिस समय का हवाला दिया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या हाल के घटनाक्रमों के बाद वह अदालत की शरण में जाएंगी तो विनेश ने कहा, “देखते हैं। हम अपनी शक्ति के अनुसार जो कुछ भी कर सकते है, करने की कोशिश करेंगे।’’
विनेश ने कहा कि पहलवानों को जिन असुरक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है उन्हें दूर करना डब्ल्यूएफआई नेतृत्व की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतने वर्षों से इस दौर से गुजर रही हूं इसीलिए मेरे मन में ये असुरक्षाएं हैं। डब्ल्यूएफआई के प्रमुख के तौर पर इन असुरक्षाओं को दूर करना आपकी जिम्मेदारी है।”
पास के अयोध्या हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद विनेश ने डब्ल्यूएफआई के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों से संबंधित विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) का नियम 5.6.1 उन पर लागू नहीं होता क्योंकि उन्होंने जून में ही यूनाइटेड वर्ल्ड रेस्लिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को संन्यास के बाद दोबारा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया था।
हालांकि डब्ल्यूएफआई के सूत्रों ने बताया कि महासंघ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं था। उनका मानना था कि पहलवान ने केवल पात्रता वाले पहलू पर ही बात की है जबकि शनिवार को जारी विस्तृत नोटिस में उन पर लगाए गए व्यापक अनुशासनात्मक आरोपों का उन्होंने पूरी तरह से जवाब नहीं दिया है।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द

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