मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान का सकारारत्मक अंत करने उतरेगा जोशीला जिम्बाब्वे

मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान का सकारारत्मक अंत करने उतरेगा जोशीला जिम्बाब्वे

मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान का सकारारत्मक अंत करने उतरेगा जोशीला जिम्बाब्वे
Modified Date: February 28, 2026 / 11:50 am IST
Published Date: February 28, 2026 11:50 am IST

(भरत शर्मा)

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाने के बावजूद जोश से भरी जिम्बाब्वे की टीम को अगर टी20 विश्व कप में अपने अभियान का शानदार अंत करना है तो उसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले सुपर आठ के मैच में अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा।

जिम्बाब्वे ने लीग चरण में अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहकर सुपर आठ में जगह बनाई थी लेकिन इस चरण में उसे वेस्टइंडीज और भारत के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सिकंदर रजा की अगुवाई वाली यह टीम दक्षिण अफ्रीका को कड़ी टक्कर देने के लिए प्रतिबद्ध होगी।

आईसीसी के इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका को हराना मुश्किल है और अगर जिम्बाब्वे को उसे चुनौती देनी है तो उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा जिन्होंने वेस्टइंडीज और भारत के खिलाफ पिछले दो मैच में 250 से अधिक रन लुटाए।

रजा को पता है कि वे बड़ी टीमों से तभी मुकाबला कर सकते हैं जब वे तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन करें।

रजा ने कहा, ‘‘विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ आपको अपने तीनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। दुर्भाग्य से अगर एक भी विभाग कमजोर पड़ता है तो मैच आपके हाथ से खिसक जाता है। उम्मीद है की आखिरी मैच में हम तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।’’

जिम्बाब्वे कि गेंदबाजों ने पिछले दो मैच में काफी ढीली गेंदें फेंकी। उन्हें उसी अनुशासन के साथ गेंदबाजी करने की जरूरत है जैसा उन्होंने ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ किया था।

ग्रुप चरण में वह श्रीलंका की धीमी पिचों पर अजेय रहा, लेकिन बल्लेबाजी के लिए अनुकूल भारतीय परिस्थितियों में गलतियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है, जैसा कि उसने मुंबई और चेन्नई में की।

बल्लेबाजी की बात करें तो ब्रायन बेनेट और तादिवानाशे मारुमानी की सलामी जोड़ी को पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाना होगा।

टूर्नामेंट में अब तक आउट नहीं होने वाले बेनेट ने भारत के खिलाफ यह साबित कर दिया कि वे छक्के भी लगा सकते हैं। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने छक्के लगाने का कोई न कोई तरीका ढूंढना होगा।

मार्को यानसन और लुंगी एनगिडी (प्रत्येक ने 11 विकेट लिए) अब तक दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा, कॉर्बिन बॉश और मुख्य स्पिनर केशव महाराज ने उनका बखूबी साथ दिया है।

दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष तीन बल्लेबाज कप्तान एडन मार्क्रम, क्विंटन डीकॉक और रयान रिकेल्टन बेहतरीन फॉर्म में हैं। रजा और उनकी टीम को उन्हें रोकने के लिए गेंदबाजी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और डेवाल्ड ब्रेविस सहित मध्य क्रम ने भी सुपर आठ में अपना प्रभाव दिखाया है।

दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अब तक केवल अहमदाबाद और दिल्ली में ही मैच खेले हैं। दिल्ली में पांच मैचों में से केवल एक बार ही 200 रन का आंकड़ा पार हुआ है, जब भारत ने नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाए थे।

यह मैच एक तरह से औपचारिकता मात्र है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और जिम्बाब्वे लगातार दो हार के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गया है।

टीम इस प्रकार हैं:

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, ब्रैडली इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, बेन कुरेन।

दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डीकॉक, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया, कैगिसो रबाडा, रयान रिकेल्टन, जेसन स्मिथ, ट्रिस्टन स्टब्स।

मैच दोपहर तीन बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।

भाषा

पंत

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