रायपुर: अंबेडकर अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से 3 बच्चों की मौत

रायपुर: अंबेडकर अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से 3 बच्चों की मौत

रायपुर: अंबेडकर अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से 3 बच्चों की मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: August 21, 2017 5:17 am IST

 

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी हेल्थ सेंटर. अंबेडकर अस्पताल के नर्सरी वार्ड में भर्ती 3 नवजातों की मौत हो गई. इन मौतों के पीछे ऑक्सीजन की सप्लाई टूटने को जिम्मेदार माना जा रहा है. हालांकि अस्पताल प्रबंधन और आला अफसर इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं । राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करते हुए 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा है. 

रोते-सिसकते ये वो बदनसीब हैं. जिनके जिगर के टुकड़े हमेशा के लिए साथ छोड़ गए और ये हुआ रायपुर के उस अंबेडकर अस्पताल में जहां तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने मौत के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई में आई रुकावट को जिम्मेदार ठहराया है और इस गड़बड़ी की जड़ जिसे बताया जा रहा है..वो है ये शख्स. जो है तो चपरासी के पद पर लेकिन रविवार की रात वो ऑक्सीजन प्लांट में ऑपरेटर की ड्यूटी कर रहा था. ऊपर से लापरवाही की हद ये रही कि ड्यूटी में मुस्तैद रहने की बजाय ये शराब पीकर सोता रहा. नतीजा भयानक निकला 3 नवजात मृत्यु शैंया में सो गए । 

IBC24 ने जब इस दहलाने देने वाली ख़बर को प्रसारित किया. तब नींद से जागा प्रशासन । ऊपर से नीचे तक पूरा अमला सक्रिय हो गया..लेकिन इस सक्रियता में संगीन सच की तस्दीक करने की बेचैनी की जगह अपना दामन बचाने की हड़बड़ाहट ज्यादा दिखी । मामला तूल पकड़ा तो सियासत भी गरमा गई. कांग्रेस ने इसे अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया और इस मामले में अपनी जांच कमेटी भी बना दी । 

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी माना कि अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई में असावधानी बरती गई थी. हालांकि उसे तुरंत ठीक कर लिया गया. हालांकि सरकार ने इस मामले में DME की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाते हुए 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट तलब की है.। साथ ही आरोपी कर्मचारी रवि चंद्रा को सस्पेंड भी कर दिया गया है. इधर भाजपा ने भी अंबेडकर अस्पताल में हुई मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन पर ठीकरा फोड़ा है. बहरहाल एक बार फिर बच्चों की मौत जैसे संगीन मामले पर जांच का पर्दा डालने की कवायद शुरू हो गई है.लेकिन सिस्टम की लापरवाही से जान गंवाने वाले मासूमों के परिजनों को तो केवल इंसाफ की दरकार है. 


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