भोपाल। यह चुनावी साल शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार पर भारी पड़ता नजर आ रहा, जहां एक तरफ शिवराज ने अध्यापक वर्ग की सालों पुरानी मांगों को पूरा कर उन्हें शिक्षक का दर्ज दे सभी सुविधाएं देने का ऐलान कर, प्रदेश के 3 तीन लाख नौकरी पेशा लोगों, उनके परिवारों और नजदीकियों को अपने पाले में लाने का सफल प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर इस मास्टर स्ट्रोक ने अन्य कर्मचारी संगठनों को अपना आंदोलन तेज करने के लिए प्रेरित भी किया है।
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अब प्रदेश के 7 नाराज कर्मचारी संगठनों ने एक साथ आकर महागठबंधन बना लिया है, जिनमें जनस्वास्थ्य रक्षक, गौ सेवक संघ, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता-सहायिका, आशा-उषा सहयोगिनी संगठन, प्रेरक संगठन, रसोईया माता संगठन जैसे 7 बड़े संगठन शामिल है। महागठबंधन के प्रदेश अध्यक्ष शंभू चरण दुबे ने बताया कि शिवराज सरकार नियमितिकरण, वेतन विसंगति, मानदेय बढ़ाने जैसी 14 मांगे नहीं मानेगी तो गठबंधन 15 दिनों बाद बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगा।
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इसी के साथ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वे कोलारस-मुंगावली में होने वाले उपचुनाव में सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगे ताकि बीजेपी सरकार को सबक सिखाया जा सके। संगठन के बताया कि 15 दिनों बाद महागठबंधन मिलकर भोपाल में सरकार के खिलाफ लाॅलीपाॅप रैली निकालेगा।
वेब डेस्क, IBC24