CG Monsoon Session Live Today: मातृ वंदन योजना में कथित अनियमितताओं पर सदन में हंगामा, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने किया वॉकआउट

Ads

CG Monsoon Session Live Today: मातृ वंदन योजना में कथित अनियमितताओं पर सदन में हंगामा, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने किया वॉकआउट

  •  
  • Publish Date - July 16, 2026 / 01:37 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 01:38 PM IST

CG Monsoon Session Live Today | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • स्तर में मातृ वंदन योजना में भ्रष्टाचार का उठा मामला
  • कांग्रेस ने जांच करने की मांग की
  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष किया बहिर्गमन

रायपुर: CG Monsoon Session Live Today छत्तीसगढ़ मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही 11 बजे से शुरू हो चुकी है। प्रश्नकाल के दौरान गैर मछुआ समाज के लोगों को नियम विरुद्ध समूह पट्टा देने का मामला उठा। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने ये मामला सदन में उठाया है। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने आरोप लगाया कि बलौदा बाजार और बम्हनीडीह में मछुआ समाज के लिए आरक्षित पट्टे दूसरे समाज के लोगों को दे दिए गए, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। जिसके बाद मंत्री नेताम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।

CG Monsoon Session Live Today जिसके बाद ध्यानाकर्षण के दौरान बस्तर में मातृ वंदन योजना में मातृ वंदन योजना में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक विक्रम मांडवी ने इस मामले को उठाया। विक्रम मांडवी ने आरोप लगाया कि योजना के तहत करीब 1400 खातों से राशि आहरण का मामला सामने आया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

मामले में महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरकार की ओर से जवाब दिया। हालांकि उनके जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुए। कांग्रेस विधायकों ने जांच की स्पष्ट घोषणा की मांग की। जब सरकार की ओर से जांच की घोषणा नहीं की गई तो नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

इन्हें भी पढ़ें:-

आज सदन में कौन-कौन से मुद्दे उठे?

गैर मछुआ समाज को पट्टा देने और मातृ वंदन योजना में अनियमितताओं का मामला।

कुंवर सिंह निषाद ने क्या आरोप लगाया?

मछुआ समाज के लिए आरक्षित पट्टे दूसरे समाज को दिए गए।

मातृ वंदन योजना में क्या गड़बड़ी सामने आई?

करीब 1400 खातों से राशि आहरण का मामला।