Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali: पूर्णिमा की रात...17 साल की इकलौती बेटी की बलि, आधी रात खेत में कर्मकांड, गड़ा धन निकालने से पहले हो गया खेला / Image: AI Generated
भोपाल: Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali कहने को तो भारत नई तकनीकों को अपनाकर विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन अगर कोई तांत्रिक आकर ये कहे कि गड़ा हुआ धन निकाल देगा या तंत्र क्रिया से पैसों की बारिश कर देगा तो लोग इस विज्ञान के युग में भी आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। हद तो तब हो जाती है जब गड़ा हुआ धन पाने के लिए बाल-बच्चों की बलि देने तक के लिए तैयार हो जाते हैं। गड़ा धन पाने के लिए अपनी मासूम बेटी का बलि देने का ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी बेटी की बलि दे दी। फिलहाल हाल मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali मिली जानकारी के अनुसार मामला भोपाल देहात क्षेत्र के सुखीसेवनिया थाना का है, जहां रहने वाले चैन सिंह कुशवाह ने अपनी 17 साल की बेटी नंदिनी कुशवाह की डंडे से पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद चैन सिंह ने बेटी की लाश को खेत में दफन कर दिया, ताकि किसी को भनक भी ना लगे। वहीं, आरोपी पिता ने खुद के गुनाह को छिपाने के लिए पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश करते हुए 3 अप्रैल को लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। यहां तक तो सब कुछ जैसा प्लान किया ठीक वैसे ही चल रहा था। लेकिन 7 मई को चैन सिंह की करतूतों का खुलासा हो गया। वहीं, ग्रामीणों की मानें तो चैन सिंह कुशवाह के गांव में किसी के अच्छे संबंध नहीं थे। बगल में उनके भैया-भाभी रहते थे उनके साथ ही संबंध सही नहीं थे, दोनों के बीच कई साल से बातचीत बंद था।
दरअसल 7 मई को पुलिस घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत में एक नर कंकाल मिलने की सूचना मिली। नर कंकाल मिलने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, कपड़े के आधार पर ये पता चला कि नर कंकाल चैन सिंह की लापता बेटी नंदिनी कुशवाह की है। मौके पर पहुंची पुलिस नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी कर रही थी कि चैन सिंह अचानक गायब हो गया। चैन सिंह के अचानक गायब होने पर पुलिस का शक गहरा गया और जांच की धुरी पूरी तरह उसी की ओर झुक गई। इसके बाद पुलिस ने चैन सिंह की तलाश की और उसे गंजबासौदा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद चैन सिंह ने पुलिस के सामने गड़े धन के लालच में बेटी की बलि देने की बात कबूल की।
पुलिस की मानें तो चैन सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि मार्च 2025 में उसके एक रिश्तेदार ने खेत की मेढ़ पर पुरानी ईंटें देखकर दावा किया कि वहां जमीन में सोने-चांदी के पुराने सिक्के और खजाना दबा हुआ है। इसके बाद पास के गांव से एक तांत्रिक को बुलाया गया और गड़े हुए धन को बाहर निकालने की बात कही गई। तांत्रिक ने पूर्णिमा की रात 3 जुलाई को पूरा क्रिया कर्म करने की बात कही।
तय समय के अनुसार दो अप्रैल की रात करीब 11 बजे तांत्रिक खेत पर पहुंचा। उस समय आरोपित की पत्नी, दोनों बेटे और बेटी खेत में ही सो रहे थे। तांत्रिक के कहने पर पिता चुपचाप अपनी बेटी को उठाकर खेत की मेढ़ पर ले गया। वहां अगरबत्ती जलाकर अनुष्ठान शुरू किया गया। कुछ देर बाद तांत्रिक ने नाटक करते हुए कहा कि लड़की के शरीर में “बाबा” आ गया है और यदि उसे नहीं मारा गया तो वह सभी की जान ले लेगी। अंधविश्वास में डूबे पिता ने बिना देर किए हाथ में रखा डंडा बेटी के सिर पर दे मारा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी जब उसकी सांसें चल रही थीं तो उसने हाथों से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पास के खेत में जुताई से बने गड्ढे में दफना दिया।