सुकमा। जिले मे चुनाव के दौरान मतदाताओं को लगाए जाने वाली अमिट स्याही पर बवाल मच गया है। सीपीआई ने सुकमा जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश मौर्य से अपील की थी कि नक्सल प्रभावित इलाक़ों के 38 मतदान केंद्रों में अमिट स्याही का इस्तेमाल नहीं होने से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी। इसके समर्थन में भाजपा सही अन्य दलों ने भी अपनी सहमति जताई थी।
इसके बाद सुकमा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश मौर्य ने चुनाव आयोग को उक्त दलों की अपील की जानकारी दी। इस पर चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को स्थानीय स्तर पर सभी दलों के सहमति जताने पर विचार करने बात कही थी। फिर सुकमा में भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई समेत अन्य दलों से सुझाव मांगा गया और लिखित बयान भी दर्ज किया गया।
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मिली जानकारी अनुसार भाजपा और सीपीआई समेत अन्य दलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों मे अमिट स्याही के इस्तेमाल ना करने पक्ष में अपना लिखित समर्थन दिया है। वही चार बार से कोन्टा विधानसभा में कब्जा जमाए विधायक कवासी लखमा और कांग्रेस पार्टी ने अमिट स्याही के इस्तेमाल ना करने के सुझाव का पुरज़ोर विरोध किया है और कहा है कि भाजपा फ़र्ज़ी मतदान कराने अमिट स्याही के इस्तेमाल का समर्थन कर रही है।
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ग़ौरतलब है कि नक्सलियों ने आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने जगह–जगह पोस्टर बैनर लगाए हैं। वहीं ऐसी भी चर्चाएं भी होती रही है कि नक्सली वोट करने वाले मतदाता के हाथ काट देंगे। हालांकि कांग्रेस ने पूरे सुझाव का विरोध करते कहा है कि आज तक किसी भी मतदाता का हाथ नही काटा गया है। बावजूद इसके भाजपा द्वारा फर्जी मतदान कराने इस तरह की पॉलिसी लाई जा रही है। फर्जी मतदान रोकने के तरीके भी सुझाए गए हैं। इनमें मतदान केंद्रों पर सभी पार्टियों के पोलिंग एजेंट की नियुक्ति करना, मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्ज़र्वर रखना और मतदान केंद्रों की विडियोग्राफी शामिल है, जिससे फ़र्ज़ी मतदाताओं की पहचान संभव होने की बात कही जा रही है
वेब डेस्क, IBC24