कांग्रेस लगातार 6 बार गवां चुकी हैं बिलासपुर सीट, इस बार खत्म होगा जीत का सूखा ?
कांग्रेस लगातार 6 बार गवां चुकी हैं बिलासपुर सीट, इस बार खत्म होगा जीत का सूखा ?
बिलासपुर। बिलासपुर एक ऐसी संसदीय सीट है, जहां हर बार कांग्रेस अपना सब कुछ न्यौछावर करने को तैयार रहती है, लेकिन इसके बाद भी उसे सफलता नहीं मिलती। कांग्रेस बिलासपुर सीट जीतने के लिए अपने हर बड़े चेहरे पर दांव लगा चुकी है, लेकिन न तो रेणु जोगी और न ही करूणा शुक्ला जीत सकीं।
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करूणा शुक्ला तो भाजपा के नए चेहरे से डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हार चुकी हैं। खेलनराम जांगड़े इस सीट से कांग्रेस के अंतिम सांसद थे जिन्होंने 1991 में जीत दर्ज की थी। तब से लेकर अब तक हर चुनाव में कांग्रेस को निराशा हाथ लगी है। 1989 में पहली बार रेशमलाल जांगड़े भाजपा की टिकट से जीते थे। 1991 में फिर से कांग्रेस यहां जीती।
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लेकिन इसके बाद लगातार चुनाव में भाजपा के पुन्नूलाल मोहले ने जीत हासिल की। 2009 में भाजपा के दिलीप सिंह जूदेव और 2014 में भाजपा के लखनलाल साहू ने यहां से जीत हासिल की। लेकिन लंबे समय से हार का सामना कर रही कांग्रेस भी इस बार होमवर्क करके मैदान में उतरी है और अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है।

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