राज्यसभा में छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, छाया वर्मा बोलीं- इसलिए नहीं मिल पा रही नौकरियां

राज्यसभा में छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, छाया वर्मा बोलीं- इसलिए नहीं मिल पा रही नौकरियां

राज्यसभा में छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, छाया वर्मा बोलीं- इसलिए नहीं मिल पा रही नौकरियां
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: November 30, 2019 5:06 am IST

रायपुर, छत्तीसगढ़। राज्यसभा में शून्यकाल में राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग की है।

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इस मुद्दे को छाया वर्मा ने छत्तीसगढ़ी में कहा छाया ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा का व्याकरण है, जिसमें लोग MA और M फिल कर रहे हैं। लेकिन इस भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किए जाने की वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है।

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3 मिनट के अपने विशेष उल्लेख के समापन पर छाया ने जय जौहार जय छत्तीसगढ़ कहा, जिसके बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने भी मुस्कराते हुए जय जोहार कहा। साथ ही कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा बहुत ही प्यारी भाषा है।

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हनी ट्रैप का एक और मामला

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