सुमित्रा महाजन के चुनाव न लड़ने से कांग्रेस में खुशी की लहर, मराठी वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी

सुमित्रा महाजन के चुनाव न लड़ने से कांग्रेस में खुशी की लहर, मराठी वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी

सुमित्रा महाजन के चुनाव न लड़ने से  कांग्रेस में खुशी की लहर, मराठी वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:50 pm IST
Published Date: April 16, 2019 9:20 am IST

इंदौर। मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में इंदौर सीट पर पूरे देश की नजर है। कांग्रेस ने जहाँ इंदौर को छोड़कर सभी सीटों पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं भाजपा ने अब तक पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे है। पिछले 30 सालों से भाजपा के खाते में आ रही इस सीट से सुमित्रा महाजन के नवी बार चुनाव लड़ने से इंकार के बाद से कांग्रेस इसे अपने पक्ष में मान रही है।
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दरअसल कांग्रेस ने कई बार इस किले को भेदने की कोशिश की,लेकिन हर बार असफल रही। इस सीट में सबसे बड़ा फैक्टर मराठी समाज का वोट बैंक है,जो हर बार एक तरफा महाजन के खाते में जाते आये है,लेकिन उनके चुनाव के इंकार के बाद से ही कांग्रेस मराठी वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में है। शहर के सवा दो लाख से ज्यादा मराठी वोटों पर है। जो हर बार महाजन के साथ रहा है। कांग्रेस नेता का मानना है कि इनमें से अधिकांश वोट व्यक्तिगत रूप से महाजन को मिलते थे,लेकिन पार्टी ने जो ताई का अपमान किया है,उससे सभी मराठी समाज को ठेस पहुंची है। कांग्रेस मराठी समाज को अपने पक्ष में करने की योजना में है।

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हालाकि इस संसदीय क्षेत्र की 8 में से 4 विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायकों काबिज़ है,इसी के साथ ही तीन राज्य मंत्रियो की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। भाजपा जहाँ ताई के सहयोग के साथ ही ऐसे पार्टी के चेहरे की कोशश में है जो पार्टी को जीत दिला सके,तो वही सुमित्रा महाजन के लड़ने से इंकार को कांग्रेस अपने पक्ष में मान रही है,सवा दो लाख से ज्यादा मराठी वोटों को हथियाने के लिए रणनीति तैयार कर रहा है और उन चार विधानसभा क्षेत्र को प्लस में दिख रहे हैं,जहां वह विस चुनाव में जीती है,लेकिन हर बार की तरह उसके पास चुनाव जीतने वाले चेहरे का संकट है। गौरतलब है कि इस बार इंदौर की लोकसभा सीट को लेकर लड़ाई दिलचस्प होगी,दोनों ही पार्टियों ने अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं किए,कांग्रेस जहा वेट एंड वाच की स्थिति में है तो वही भाजपा इस सीट को मजबूती से जीत हासिल करने की रणनीति बना रही है।


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