मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा की सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में हईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है. चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मिश्रा ने याचिका दायर कर स्थानगण की मांग की थी. लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते कोई भी वकील आज कोर्ट नहीं पहुंचा. मिश्रा ने न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की कोर्ट में अपनी बहस करते हुए अपील की कि राष्ट्रपति चुनाव के कारण उन्हें वोट देने का अधिकार दिया जाए. साथ ही ये भी कहा है कि चुनाव आयोग ने एक तरफ फैसला दिया है.
क्योंकि जो शिकायत राजेंद्र भारती की ओर से की गई है, वो अखबारों की फॉटोकॉपी पर आधारित है। याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती ने भी अपनी पैरवी करते हुए कहा है कि ये मामला गंभीर है, इसलिए उनके वकील दिल्ली से आने वाले इसलिए उऩ्हें समय दिया जाएं. बता दें इस मामले में राजेंद्र भारती की तरफ से कपिल सिब्बल ओर विवेक तन्खा आज आने वाले थे. जो वकीलों की हड़ताल के चलते नही आ सक. फिलहाल हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर दिया।