ब्लू व्हेल गेम पर बार बार प्रतिबन्ध की मांग और जागरूकता अभियानों के बाद भी बच्चों का इसकी चपेट आना बंद नही हो रहा। अब मामला राजगढ़ के खिलचीपुर के उत्कृष्ट स्कूल का है। जहां कक्षा 10 वी के विद्यार्थी अजीत सिंह (परिवर्तित नाम )ने ब्लू व्हेल गेम के 49 स्टेप पार किये जिसके बाद छात्र को आत्म हत्या के लिये प्रेरित किया जा रहा था ऐसा न करने पर उसके माता पिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। ऐसे में परेशान छात्र ने 16 सितम्बर को अपनी परीक्षा त्रैमासिक संस्कृत की कॉपी के आठवें प्रश्न में अपने आत्महत्या करने की बात लिख कर बताया की वह उसकी तैयारी कर रहा था।
36 बच्चों के हाथ पर कट के निशान, ब्लू व्हेल गेम
लेकिन बुधवार को जब परीक्षा की कॉपी को स्कूल की शिक्षिका हेमलता शर्मा ने चेक कर रही थी उसी दौरान छात्र द्वारा लिखा हुआ पड़ लिया और पूरी बात अपने स्टाफ और छात्र के परिजनों को बताई ,मामला उजागर होने के बाद जब छात्र से पूरी बात पूछी गई तो उसने बताया की वह हाँथ काटने की फोटो भी डाल चुका है। जबकि कुछ और इस तरह की स्टेप को भी पार करने में कुछ ऐसे ही टास्क दिए गए लेकिन इस बार उसने कहा कि अब गलती की तो माता पिता को मार देंगे।
‘ब्लू व्हेल’ से सावधान रहने की ज़रूरत है।
मामले की जानकारी के बाद जब शिक्षकों ने इस बात को उजागर किया तो छात्र डर गया। अब वह किसी से कोई बात नही कर रहा घर मे ही छुपकर बैठा है। वही शिक्षकों ने डी एम प्रवीण प्रजापति को मामले से अवगत करा दिया है। जिसके बाद उन्होंने भी मामले में संज्ञान लिया और गेम को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
हाथ पर नहीं मछली का निशान…
अजय ने बताया कि खेल के दौरान उस से मछली का निशान मांगा गया तो मैंने साइट से डाउनलोड कर दूसरे का भेज दिया इसके बाद मैं अगली स्टेज पर पहुंच गया छात्र ने परीक्षा की कॉपी मे लिखा कि ब्लुव्हेल गेम की आखरी चेलेंज होने वाली है। सुसाईड करनी पड़ेगी वरना वह मेरे पापा मम्मी को मार देगा। आला अधिकारी ने बताया की उत्कृष्ट स्कूल से जो टीचर है उन्होंने मुझे मामले की जानकारी दी। हमने महिला बाल विकास चाईल्ड सोसायटी व हमारे नायब तहसीलदार और पटवारी को भेजकर उनके मां बाप को बुलाकर उनके और टीचर सभी के बीच काउंसलिंग करवाई है जिसमे बच्चे की मनोस्थिति को हमने सुधारा है। उसने यह भी बताया कि अब वो यह गेम नहीं खेलेगा और बच्चे की निगरानी के लिए माता पिता को खबर की है।
आख़िर ब्लू व्हेल चैलेंज क्या है ?
छात्र पीड़ित ने ये कहा…
मैं उत्कृष्ट विद्यालय खिलचीपुर कक्षा 10वीं सी का छात्र हूं। मैं इस गेम को दो महीने से खेल रहा था। उस गेम में मुझे अजीबो गरीब टास्क दी गई। पहली टास्क में मुझे हाथ पर व्हेल बनाने के लिए बोला गया लेकिन मैने होशियारी दिखाते हुए व्हेल तो नहीं बनाई लेकिन इंटरनेट से दूसरी फोटो निकालकर डाल दी। बाद मे मुझे दूसरी टास्क मे हॉरर फिल्म देखने को बोला गया। हां मुझे 30 मिनिट की हॉरर फिल्म की क्लिप भेजी गई। लास्ट टास्क पर मुझे सुसाईड करने को बोला गया था। जिससे मैं डर गया था और 16 सितम्बर को मेरा संस्कृत का पेपर था उसमे मैने सुसाईड के बारे मे लिख दिया। मुझे लगातार धमकियां मिल रही थी कि अगर टास्क के बारे मे किसी को बोला और टास्क पूरा नहीं किया तो मेरे माता पिता को मार दिया जायेगा। जिससे मैं बहुत डरा हुआ था। इसे मैने कॉपी मे लिखा तो मेरे टीचरों को पता चला। मेरे माता पिता को सूचना दी और काउंसलिंग को बुलाया गया तो मेरे मन का डर खत्म हुआ। मैंने इस बारे मे किसी को नहीं बताया। ब्लुव्हेल जिसने बनाया उसने मना किया था अगर किसी को बताया तो आपके माता पिता को मार दिया जायेगा। इस तरह की धममियां मिलती थी। मैं रात को 12 से 2 के बीच इस गेम को खेलता था जब घर मे सब सो जाते थे। मैने मेरी कॉपी मे लिखा था मैं आखरी 50वीं स्टेज पर पहुंच गया हूं। मुझे सुसाईड करने को बोला जा रहा है और अगर मैने ऐसा नहीं किया तो मेरे माता पिता को मार दिया जायेगा, मेसेज भी आते थे।