नक्सली हमले में 7 गोलियां खाने के बाद जवानों के साथ ऐसा सुलूक शर्मनाक, ये है सरकार की सच्चाई

Ads

नक्सली हमले में 7 गोलियां खाने के बाद जवानों के साथ ऐसा सुलूक शर्मनाक, ये है सरकार की सच्चाई

  •  
  • Publish Date - March 20, 2018 / 04:58 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:00 PM IST

रायपुर। 16 साल तक सेना में रहकर देश सेवा करने वाले मनोज सिंह तोमर सरकारी भरोसे से बेहद दुखी हैं. नक्सली हमले में घायल होने के बाद सरकार भी कोई ध्यान नहीं दे रही है. हमले में मनोज को सात गोलियां

ये भी पढ़ें- ट्रेनी IPS अफसर ने तीन इंस्पेक्टर को कमरे में बंद कर जमकर पीटा, ICU में भर्ती

  

लगी थी. गोलियां लगने के बाद मनोज की आंते पेट से बाहर आ चुकी हैं. जिसके कारण मनोज को एक आंख से दिखना भी बंद हो गया. जवान का आरोप है कि इलाज को लेकर उसने प्रदेश सरकार से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नरेंद्र तोमर से भी बात की थी लेकिन दो साल से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली. मनोज का कहना है कि शहीद के परिवारों को सरकार एक करोड़ रुपए तो दे रही है.

ये भी पढ़ें- नया रायपुर तुहिन मर्डर केस का आरोपी निकला सरगुजा कलेक्टर का भाई

लेकिन नक्सली हमले में घायल जवान जो शरीरिक अक्षम्य हो चुके हैं उसकी पूछ परख भी नहीं ले रही है. आपको बतादें मुरैना के रहने वाले मनोज सिंह तोमर नंवबर 2014 को सुकमा में हुए नक्सली हमले में शामिल थे. जिसमें 11 सीआरपीएफ और 6 छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान शहीद हो गए थे. नक्सली हमले में मनोज सिंह ही जिंदा बचे थे. 

 

 

वेब डेस्क, IBC24