शह मात The Big Debate: ग़ैर मुस्लिम मेंबर बने वक्फ बोर्ड में, क्यों भड़के मुस्लिम संगठन, हिंदू सदस्य की नियुक्ति के पीछे क्या है सरकार का तर्क?

Ads

MP Waqf Board Controversy News: मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन के बाद हिंदू सदस्यों की नियुक्ति के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है।

  •  
  • Publish Date - July 6, 2026 / 11:29 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 11:31 PM IST

MP Waqf Board Controversy News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है।
  • मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जिसने वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति की है।
  • हिंदू सदस्यों की नियुक्ति होते ही कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद विरोध में उतर आए।

MP Waqf Board Controversy News: भोपाल: मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन के बाद हिंदू सदस्यों की नियुक्ति के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। दरअसल, मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जिसने वक्फ बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। सनवर पटेल दोबारा अध्यक्ष चुने गए। वक्फ बोर्ड में गैर हिंदू सदस्यों की नियुक्ति होते ही कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद विरोध में उतर आए। उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया और कहा कि – राम मंदिर में कोई मुस्लिम ट्रस्टी होता, तो उसका एनकाउंटर कर देते।

इधर आरिफ मसूद के आरोपों का वक्फ बोर्ड और बीजेपी दोनों ने बेहद तल्ख पलटवार किया। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के हिसाब से ही नियुक्ति हुई है। हिंदू सदस्य – पदेन सदस्य हैं…उन्होंने चेतावनी दी कि – मुसलमानों को टायर पंचर और अंडे की दुकान पकड़ाने वाले समाज को तोड़ने से बाज आएं। (MP Waqf Board Controversy News) वहीं बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि-जो लोग गंगा-जमुनी तहजीब की बात करते हैं, उन्हें इस नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

MP Waqf Board Controversy News: लेकिन सवाल ये वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की एंट्री करने में एमपी के अव्वल आने के पीछे की मंशा क्या है? सवाल ये भी कि- क्या वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का UCC से भी कोई कनेक्शन है? सवाल ये कि- आरिफ मसूद का स्टैंड क्या कांग्रेस का ऑफिशियल स्टैंड है? सबसे बड़ा सवाल ये कि वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों के शामिल होने में क्या बुराई है? मजहबी जिद आखिर कब तक?

इन्हें भी पढ़ें:-