Ram Mandir Trust Meeting / Image Source : X
अयोध्याः Ram Mandir Donation Total Amount: चंदा चोरी पर सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की मीटिंग हुई। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। लगभग चार घंटे की मीटिंग के बाद ट्रस्ट की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर सवालों के जवाब दिए गए। तो चलिए जानते हैं कि आखिर अब तक राम मंदिर में कितने रुपए दान के रूप में मिले हैं।
Ram Mandir Donation Total Amount: ट्रस्ट ने बताया कि निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन के जरिए अब तक 3,264 करोड़ रुपए मिले हैं। इनमें से 2,370 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। ट्रस्ट बनने से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से 582 करोड़ रुपए का चढ़ावा मिला। इसमें से 391 करोड़ रुपए मंदिर के संचालन और अन्य खर्चों पर उपयोग किए गए हैं। बाकी राशि बैंक खातों में सुरक्षित है। ट्रस्ट ने बताया कि नकद दान के अलावा श्रद्धालुओं ने भगवान रामलला को 2,926 प्रकार के उपहार भी भेंट किए हैं। इन सभी का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है, जिसमें उपहार मिलने की तारीख भी लिखी गई है। हर साल एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म इन उपहारों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) भी करती है। यदि कोई श्रद्धालु अपने दिए गए दान या उपहार के उपयोग की जानकारी लेना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के अधिकारी से समय लेकर अयोध्या आकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today.
Out of the total amount of ₹3,264 crore received through the fund contribution campaign and corpus donations, ₹2,370 crore has been utilised for construction and capital expenditure. From the… pic.twitter.com/tRkZLYQ5Mi
— ANI (@ANI) July 6, 2026
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण मीडिया के सामने प्रदर्शित किए। उन्होंने मंदिर में सुरक्षित रखे गए आभूषणों को दिखाते हुए उनकी जानकारी शेयर की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा, जो लोग कभी राम के बारे में बात नहीं करते थे, उनमें विश्वास नहीं करते थे और जिनकी पीढ़ियों ने कभी उनकी पूजा नहीं की, वे अचानक राम भक्त बन गए। जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोलियां चलाईं, वे अचानक राम भक्त बन गए और जो लोग जालीदार टोपियां पहनते थे, सिर्फ इफ्तार पार्टियों में जाते थे और कभी राम के मंदिर नहीं गए, वे भी उनके दर्शन करने आए।