Bengal Minor Rape-Murder Case/Photo Creadit: IBC24 File
Bengal Minor Rape-Murder Case: नई दिल्ली: बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की मासूम के साथ रेप और हत्या की वारदात ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। घर से सामान लेने निकली बच्ची अगले दिन तालाब में मृत मिली। परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया और शव मिलते ही इलाके में गुस्से का ऐसा विस्फोट हुआ कि कानून-व्यवस्था चरमरा गई।
स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध को पकड़ लिया..आरोप है कि उसी की निशानदेही पर तालाब से शव बरामद हुआ, लेकिन पुलिस कार्रवाई से पहले ही भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की। सड़क पर टायर जलाए और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
घटना के बाद राज्य सरकार ने SIT का गठन कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामला अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी अखाड़ा बन चुका है। (Bengal Minor Rape-Murder Case) टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती थी, लेकिन सत्ता में आते ही वही हालात बन गए जिन्हें लेकर वो पहले ममता सरकार को घेरती थी। वहीं बीजेपी का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
याद कीजिए..आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर के बाद पूरे देश में ममता सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला था। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। सड़कों पर प्रदर्शन हुए थे और सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया था। अब बरुईपुर की घटना के बाद वही सवाल बीजेपी सरकार के सामने खड़े किए जा रहे हैं।
Bengal Minor Rape-Murder Case: बरुईपुर की ये घटना अब सिर्फ एक क्राइम नहीं। बल्कि बंगाल की राजनीति का नया रण बन चुकी है। सवाल सिर्फ मासूम को इंसाफ का नहीं, बल्कि उस कानून-व्यवस्था का भी है। जिस पर पहले ममता सरकार घिरी और अब उसी कसौटी पर बीजेपी को परखा जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या बंगाल की बेटियां अब भी सुरक्षित हैं या फिर हर दर्दनाक वारदात सिर्फ सियासी आरोप-प्रत्यारोप बनकर रह जाएगी?
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