भोपाल। 15 मिनट बोलने वाले पीएम मोदी के भाषण से शुरू हुआ विवाद, मध्यप्रदेश तक जा पहुंचा। पीएम के बयान पर शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट कर लिखा कुछ लोग 15 मिनट क्या, 15 साल भी लगातार बोलें तो भी उनके अलावा किसी को समझ नहीं आएगा। हांलाकि शिवराज यहां समझ को समज लिख गए जिसके बाद उनकी खुब किरकिरी भी हुई लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट कर स्पष्ट किया की मोबाइल से गलत टाइप हो गया था।
फ़ोन पर टाइप करते वक़्त समझ की जगह समज़ हो गया।
लेकिन,
समझने वाले समझ गये…
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 2, 2018
शिवराज के इस बयान के बाद तो प्रदेश कांग्रेस में आग लग गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा है कि पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 सालों का हिसाब दें और पीेएम 4 सालों का, जनता को भाजपा सरकार ने बहुत बेवकूफ बनाया है लेकिन अब जनता बेवकूफ नहीं बनेगी। मध्यप्रदेश की जनता भोली-भाली जरूर है लेकिन मूर्ख नहीं है। कमलनाथ ने सीएम शिवराज के कुछ भी निश्चित नहीं, मैं तो जा रहा हूं कोई भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ सकता वाले बयान पर कहा कि शिवराज को अब हकीकत समझ आने लगी है।
यह भी पढ़ें – सीएम ने कहा- ‘मैं तो जा रहा हूं, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है’, देखें वीडियो
उन्होंने कहा कि अभी तो चुनावों में वक्त है लेकिन शिवराज सिंह अभी से हताश होने लगे है। अपने आप को मामा कहने वाले शिवराज के राज में हर वर्ग परेशान है। दलितों को साधने के लिए बीजेपी की रणनीति पर बोले अब वक्त हिसाब देने का है, कैसा भी महाकुम्भ कर लें, कुछ नहीं होने वाला है। वहीं राम मंदिर मुद्दे पर कमलनाथ ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि कब वहां मंदिर बने, क्योंकि यह बहुत ही विवादित मुद्दा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब विकास का, बेरोजगारी का, किसानों का मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए धार्मिक कार्ड का इस्तेमाल कर रही है।
वेब डेस्क, IBC24