मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह के नेतृत्व में चाहे वो सेवा निवृत्त कर्मचारी हो चाहे वो अध्यापक, पटवारी हो या अन्य कोई कर्मचारी हो मध्य्प्रदेश में अभी तक 13 सालों में ये देखने को मिला कि किसी भी कर्मचारी को मांगना नही पड़ा सरकार ने स्वयं से दिया है इसलिए ये माना जाता है कि सरकार कर्मचारी हितेषी है।जहां तक सेवा निवृत्त अधिकारी कर्मचारियों का जो मामला है। उनका सातवे वेतन आयोग का जो मामला है सरकार में विचाराधीन है। बीच में प्याज खरीदी का संकट था किसानों को समर्थन मूल्य के पैसे देने का संकट था उसके लिए कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार को 2 हजार करोड़ की व्यवस्था करनी पड़ी तो वहीं किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए व्यवस्था करनी पड़ी सेवा निवृत्त कर्मचारियों को धैर्य रखना चाहिए सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी। मध्य प्रदेश में सेवा निवत्र कर्मचारियों को धैर्य रखना चाहिए।