एनजीओ-पीएमएलए मामले में आनंद ग्रोवर की पेशी पर जोर नहीं देंगे : ईडी ने अदालत से कहा

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एनजीओ-पीएमएलए मामले में आनंद ग्रोवर की पेशी पर जोर नहीं देंगे : ईडी ने अदालत से कहा

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  • Publish Date - November 25, 2020 / 01:36 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:06 PM IST

मुंबई, 25 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि वह एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ से जुड़े धनशोधन के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर को जारी समन के तहत 26 नवंबर को उनकी पेशी पर जोर नहीं देगी।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए ग्रोवर को जारी समन को टालने पर विचार करने को कहा था।

एनजीओ और ग्रोवर द्वारा दाखिल दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को कहा, ‘‘दिल्ली में (जहां ग्रोवर को पेश होना था) बहुत गंभीर स्थिति है। ’’ इन याचिकाओं में विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून (एफसीआरए) के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर धन शोधन रोकथाम कानून के तहत ईडी द्वारा दाखिल 2019 की शिकायत को खारिज करने का अनुरोध किया गया है ।

ईडी की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि एजेंसी 14 दिसंबर तक समन की तामील पर जोर नहीं देगी। उसी दिन एजेंसी याचिकाओं के जवाब में अपना हलफनामा दााखिल करेगी।

अदालत ने बयान को स्वीकार कर लिया और मामले पर अब 14 दिसंबर को सुनवाई होगी।

ग्रोवर ने अपनी याचिका में इस महीने ईडी द्वारा उन्हें जारी समन को चुनौती दी है । ईडी ने उनसे 26 नवंबर को पेश होने के लिए कहा था।

याचिका के मुताबिक नवंबर 2016 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनियमितता का दावा करते हुए समूह का एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया था। जून 2019 में सीबीआई ने एफसीआरए प्रावधानों के कथित उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोपों पर समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए प्रावधानों के तहत ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ और ग्रोवर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की थी।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश