राहुल और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों से की मुलाकात, प्रशासन ने दी थी 5 लोगों को हाथरस जाने की अनुमति

Ads

राहुल और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों से की मुलाकात, प्रशासन ने दी थी 5 लोगों को हाथरस जाने की अनुमति

  •  
  • Publish Date - October 3, 2020 / 02:22 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:26 PM IST

हाथरस: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कथित सामूहिक बलात्कार घटना की पीड़िता के घर शनिवार को पहुंचकर उसके परिवार से मुलाकात की। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद राहुल, प्रियंका और कांग्रेस के कुछ अन्य नेता हाथरस पहुंचे हैं। इससे पहले, डीएनडी पर कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में जमा होने के बाद प्रशासन ने राहुल गांधी समेत पांच लोगों को हाथरस जाने की अनुमति दी।

Read More: स्पंदन कार्यक्रम के तहत डीजीपी DM अवस्थी पुलिस अधिकारियों से करेंगे संवाद, पुलिसिंग सेवा को और बेहतर बनाने देंगे मंत्र

हाथरस रवाना होने से कुछ देर पहले, राहुल ने कहा कि उन्हें इस दुखी परिवार से मिलने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दुनिया की कोई भी ताक़त मुझे हाथरस के इस दुखी परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटने से नहीं रोक सकती।’’ 

Read More: छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में 5.56 प्रतिशत लोगों में पाई गईं एंटीबॉडीज, आईसीएमआर ने जारी की सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस प्यारी बच्ची और उसके परिवार के साथ उप्र सरकार और उसकी पुलिस द्वारा किया जा रहा व्यवहार मुझे स्वीकार नहीं। किसी भी हिन्दुस्तानी को यह स्वीकार नहीं करना चाहिए।’’ इससे पहले, बृहस्पतिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए राहुल और प्रियंका के उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस जाते समय पुलिस ने दोनों नेताओं को रोक कर हिरासत में ले लिया था। वहीं, कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल और प्रियंका को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

Read More: बड़ी खबर: 5 से 8 नवम्बर तक होगी सहायक प्राध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था। मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद बुधवार तड़के उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया। बहरहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि ‘‘परिवार की इच्छा के मुताबिक’’ अंतिम संस्कार किया गया।

Read More: भाजपा के पूर्व सांसद को इस मामले में दो साल की कैद, करीब 3 करोड़ का जुर्माना भी लगा