रायपुर कृषि महाविद्यालय में हो रही कृषि वैज्ञानिकों की बैठक
रायपुर कृषि महाविद्यालय में हो रही कृषि वैज्ञानिकों की बैठक
नई दिल्ली द्वारा पूर्व क्षेत्र के राज्यों की क्षेत्रीय बैठक आज कृषि महाविद्यालय रायपुर में हो रही है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कृषि लागत एवं मूल्य आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय पाॅल शर्मा करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहले छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुजूर और सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ऋचा शर्मा भी बैठक में शामिल होंगे।
ये भी पढ़े – मुंगेली में 24 घंटे के अंदर आधा दर्जन बच्चे गंभीर हालत में भर्ती
खरीफ मौसम 2018-19 की मूल्य नीति निर्धारित करने के लिए आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़, ओड़िशा, झारखण्ड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल सरकार के कृषि तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विश्वविद्यालयों के अधिकारी और वैज्ञानिक तथा किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और फसल उत्पादन लागत तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण के संबंध में अपने विचार एवं सुझाव देंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संचालक अनुसंधान सेवाएं डाॅ. एस.एस. राव को बैठक का नोडल अधिकारी बनाया गया है.कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने रबी मौसम की चने की फसल में इल्ली के प्रकोप की संभावनाओं को देखते हुए किसानों को फसल को बचाने उपाए करने की सलाह दी है।
ये भी पढ़े – केन्द्र व राज्य शासन नक्सल समस्या पर गंभीर नहीं – अजीत जोगी
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आज यहां जारी विशेष कृषि बुलेटिन में कहा है कि इल्लियों को हाथ से चुन-चुन कर नष्ट करना चाहिए। कीटहारी पक्षियों की चने के खेतों में सक्रियता बढ़ाने के लिए टी या वाय आकार की लकड़ियां 20-25 नग प्रति हेक्टेयर अलग-अलग स्थानों में लगानी चाहिए। वयस्क कीड़ों की निगरानी के लिए फिरोमेन ट्रेप दो नग प्रति एकड़ लगाने से फायदा मिलता है। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए अरहर फसल की सतत निगरानी करने की आवश्यकता है। अरहर की फसल में कीड़ों का प्रारंभिक प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल दवाओं का उपयोग करना चाहिए। मटर में चूर्ण फफूंदी का प्रकोप होने पर 3 ग्राम सल्फेक्स प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर मटर फसल में छिड़काव करने से लाभ मिलता है। रबी मौसम में मक्का एवं सूरजमुखी की बोआई का समय आ गया है। किसानों को उपयुक्त बीज की व्यवस्था के साथ ही बोआई की तैयारी करनी चाहिए। आम में बौर आना शुरू हो गया है। 50 प्रतिशत बौर आने पर 15 दिन के अंतराल में सिंचाई करनी चाहिए। लगातार पानी देने से बौर, पत्तियों में परिवर्तित हो जाते हैं।

Facebook


