नीति आयोग की बैठक में बोले रमन- नए भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की होगी सशक्त भूमिका

Ads

नीति आयोग की बैठक में बोले रमन- नए भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की होगी सशक्त भूमिका

  •  
  • Publish Date - June 17, 2018 / 11:02 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:41 PM IST

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की सशक्त भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सामान्य आदमी के जीवन में खुशहाली लाने वाली सौ से अधिक योजनाओं को लागू करके नागरिक सशक्तीकरण को नया आयाम दिया है।  डॉ सिंह आज नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउन्सिल की चतुर्थ बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। बैठक में केंद्रीय मंत्रीगण तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे। बैठक में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के डिस्ट्रिक मिनरल फंड के क्रियान्वयन की प्रशंसा की और दूसरे राज्यों से अनुसरण करने को कहा।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राज्य के विशिष्ट विषयों और विशेष समस्याओं को लेकर नीति आयोग द्वारा की ग पहल की सराहना की। बस्तर क्षेत्र के सर्वागींण विकास के लिए नीति आयोग द्वारा की गयी बैठक का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहल लंबित और अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर तत्काल निर्णय लेने और उनका तेजी से क्रियान्वयन करने में सफल रही है।

यह भी पढ़ें : प्रदेश युवक कांग्रेस के जिला प्रभारियों की नई सूची पर विवाद, जानिए क्या है माजरा

 

डॉ सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विकास के अनेक शिखरों को स्पर्श किया है। राज्य के विकास में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, युवाओं आदि सभी वर्गो को भागीदार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हम दृढ़ संकल्पित हैं कि वर्ष 2022 तक के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जो लक्ष्य निर्धारित किये है, उसे तेजी से पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने जीएसटी और जैम जैसे केंद्र सरकार के सुधार और नवाचार कार्यक्रमों का लगन और समर्पण से क्रियान्वयन किया है। डिस्ट्रिक मिनरल फंड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरगामी सोच ने स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य करना आसान बना दिया । आज डीएमएफ की राशि से बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे उग्रवाद प्रभावित जिलों में अत्याधुनिक शिक्षा, स्वास्थ्य संस्थान, पेयजल, विद्युतीकरण, कृषि विकास और स्वच्छता के कार्य कराया जाना संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय दुगुनी करने की प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल प्रारंभ कर दिया है। राज्य में ई-नाम के तहत 14 मंडियों को जोड़ा गया है। ई-नाम पोर्टल को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए ई-नाम मित्र रखे गये है । क्रय-विक्रय बढ़ाने के लिए निरंतर उपजों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ा गया है।

यह भी पढ़ें : चुनावी साल में सहकारी समिति कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर, 18 जून को धरना-प्रदर्शन

 

आयुष्मान भारत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने सभी आवश्यक कदम उठा लिए है और नोडल एजेंसी भी नियुक्त कर दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 10 जिलों का चयन आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत किया गया था । नीति आयोग द्वारा अप्रैल 2018 में जारी रैकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला देश के आकांक्षी जिलों में दूसरे स्थान पर है और महासमुंद और कोरबा सहित तीन जिले प्रथम दस में सम्मिलित है।

डॉ रमन सिंह ने कहा कि समयबद्व निर्धारित लक्ष्य और उन लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में नीति आयोग की भूमिका ने सहकारी संघवाद की अवधारणा को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री और नीति आयोग का आभार व्यक्त किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अजय सिंह भी उपस्थित थे ।

वेब डेस्क, IBC24