‘पेसा कानून’ की तैयारी में राज्य सरकार, आदिवासी समाज से लिए जा रहे सुझाव, भाजपा ने कहा- कानून लागू नहीं कर सिर्फ दिखावा कर रही सरकार

'पेसा कानून' की तैयारी में राज्य सरकार, आदिवासी समाज से लिए जा रहे सुझाव, भाजपा ने कहा- कानून लागू नहीं कर सिर्फ दिखावा कर रही सरकार

‘पेसा कानून’ की तैयारी में राज्य सरकार, आदिवासी समाज से लिए जा रहे सुझाव, भाजपा ने कहा- कानून लागू नहीं कर सिर्फ दिखावा कर रही सरकार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:48 pm IST
Published Date: November 18, 2020 12:33 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आदिवासियों को पेसा कानून का अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है…ग्रामीण एवं पंचायत विकास मंत्री टीएस सिंहदेव पेसा कानून से संबंधित नियम बनाने के लिए आदिवासी समाज के लोगों से लगातार मुलाकात कर सुझाव प्राप्त कर रहे हैं.. पिछले पांच महीनों में मंत्री सिंहदेव आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों से लगभग आधा दर्जन बार बैठक कर चुके हैं।

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स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सरगुजा आदिवासी क्षेत्र से है..इसलिए उन्हें आदिवासियों की समस्या अच्छे से मालूम है…पेशा कानून को बने दो दशक का समय पूरा हो रहा है..लेकिन आज भी इस पेशा कानून का क्रियान्वयन सही तरीके से लागू न होने के कारण आदिवासी अपने अधिकारों से वंचित है.. इसलिए मंत्री सिंहदेव आदिवासी समाज के लोगों से ही बात कर नियम बनाने की कोशिश करने में लगे हुए हैं।

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इस पर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण को पहले से और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय हमने लिया है..अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों को और ज्यादा अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा, ताकि ग्राम सभा अपने प्राकृतिक संसाधनों का उचित प्रबंधन एवं संरक्षण कर सके… उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नये ग्राम पंचायतों के गठन के पूर्व पेसा कानून के नियम बना लिए जाएंगे.. पेसा कानून में प्रावधानों के तहत आदिवासी अंचल के रहने वाले लोगों के परंपरागत रीति रिवाज, धार्मिक और सामाजिक पद्धतियों को ध्यान में रखकर व्यवस्था की जाएगी।

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मंत्री सिंहदेव ने कहा है कि अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून को लागू करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है..उन्होंने कहा कि अधिसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के संचालन के नियम बनाए जा रहे हैं.. बहुत जल्द इसे लागू किया जाएगा..इससे पहले राज्यपाल अनुसुईया उईके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायकों से कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में 5वीं अनुसूची के प्रावधानों और पेसा कानून का विशेष रूप से ध्यान रखें और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें…साथ ही यह देखें कि आम जनता को इनके प्रावधानों का लाभ मिले।

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वहीं बीजेपी से पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि मंत्री सिंहदेव बोलते और करते हैं लेकिन सरकार उनके किसी सुझाव को नहीं मानती। वहीं पेसा कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का बयान भी सामने आया है, उन्होंने कहा कि इस कानून को अब तक लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन सरकार इस पर राजनीति कर रही है। सरकार आदिवासियों के लिए शुरू की गई योजना को बंद कर रही है। इस वजह से आदिवासियों की आर्थिक स्थिति खराब है, सरकार दिखावा करने के लिए ऐसा कानून लाने की नौटंकी कर रही है।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com