सरकार की बेरूखी से पाॅलीथिन के टप्पर में रहने को मजबूर ये ग्रामीण

सरकार की बेरूखी से पाॅलीथिन के टप्पर में रहने को मजबूर ये ग्रामीण

  •  
  • Publish Date - June 30, 2017 / 07:45 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

 

होशंगाबाद जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित दो गांवों के छोटे-छोटे बच्चे पॉलीथिन से बने अस्थाई टप्पर के नीचे रहने को मजबूर हैं। दरअसल, दो गांवों को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित किया जा रहा है। टाइगर को सुरक्षा और सुविधा देने के लिए ैज्त् के भीतरी इलाकों के गांवों को विस्थापित किया जा रहा है। लेकिन इन्हें सांकई नाम के जिस गांव में बसाया जा रहा है वहां जाने के लिए न तो सड़क है, न तो बिजली है और न ही पानी की व्यवस्था है। जिससे लोग वहां जाना नहीं चाहते। अभी आवास बन ही नहीं पाए और बारिश शुरू हो गई। लिहाजा सभी को अस्थाई आवास में रखा गया है। यही वजह है कि मजबूर परिवारों को छोटे-छोटे बच्चों के साथ पॉलीथिन के टप्पर बनाकर रहना पड़ रहा है और इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं। इस मामले में विभाग के अफसरों की अलग ही दलील है।