गांव में सालों से बिजली नहीं लेकिन बिल देने मजबूर हैं ग्रामीण, जाने माजरा
गांव में सालों से बिजली नहीं लेकिन बिल देने मजबूर हैं ग्रामीण, जाने माजरा
पन्ना। भले ही कमलनाथ सरकार ने अपने वचन पत्र में बिजली के बिल आधे कर दिए हो और 100 यूनिट तक की बिजली का एक सीमित प्रावधान करके उचित दर से बिजली लेने देने की बात कही। लेकिन कमलनाथ सरकार का आदेश इस खबर को आईना जरूर दिखा रहा है. क्योंकि पन्ना जिले के गुनौर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम इटवा कला में 5 सालों से बिजली नहीं है लेकिन मीटर और खंभे बाकायदा लगा दिए गए हैं और तो और हद तब हो गई जब बिन बिजली के लोगों के घर हजारों रुपए का बिल आ रहा हैं।
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हाथों में बिजली का बिल और माथे पर चिंता की लकीरें पन्ना जिले के गुनौर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम इटवा कला के लोगों की है जो अपना दुखड़ा पन्ना जिले के आला अधिकारियों को सुनाने आए हैं दरअसल ग्राम में 5 सालों से लाइट ही नहीं है लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं ऐसे में विद्युत विभाग द्वारा इनके घरों में लाइट के मीटर लगा दिए गए और बिन बिजली के लोगों को हजारों रुपए के बिल थमा दिए गए है। अब ग्रामीण परेशान होकर अपना दुखड़ा जिले के अधिकारियों को सुनाने आए हैं।
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हालांकि इस मामले को लेकर विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की अपनी ही दलील है। उनका कहना है कि इस तरह की गलती हुई है ट्रांसफार्मर रखा नहीं गया है और बिजली के बिल आ रहे हैं तो इसमें सुधार करके आने वाले माह में इनको सुधार कर बिल दे दिया जाएगा। लेकिन इसके साथ अब सवाल यह है कि जब बिजली 5 सालों से इस ग्राम में आई ही नहीं तो कैसे इन लोगों को लगातार बिजली के बिल दिए जा रहे हैं। कहीं ना कहीं यह सोचने वाली बात है इस मामले को संज्ञान में आने के बाद सरकार के उस दावे की पोल खुल गई है जो सस्ती दर पर और सही उचित दर पर बिजली देने की बात कर रही है लेकिन लोगों को बिन बिजली के बिल देना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में ग्रामीणों का कहना है कि बिजली है नहीं और बिल हजारों के दे दिए। वहीं इस पूरे मामले पर विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग से गलती हो गई है। जल्दी बिल सुधार कर इनको दे दिए जाएंगे।

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