शराबी सरपंच को पंचायत ने अविश्वास प्रस्ताव से हटाया

शराबी सरपंच को पंचायत ने अविश्वास प्रस्ताव से हटाया

शराबी सरपंच को पंचायत ने अविश्वास प्रस्ताव से हटाया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: November 13, 2017 9:01 am IST

रायपुर। देश की लोकतंत्रिक व्यवस्था की नींव माना जाने वाली पंचायतों के लिए दौर शायद उतना भी उजला नहीं जितना शायद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान रचने वालों ने सोचा या पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी चहते थे लोकतंत्र की इस पहली कड़ी को देश की आजादी के बाद हर तरह से मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए।

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लेकिन ऐसा भी नहीं की इस सर्वोच्च व्यवस्था की शक्तियों का दुरूपयोग करने पर किसी को पद से निष्काशित नहीं किया जा सके। इस व्यवस्था के उजले पक्ष की एक अच्छी कहानी निकल कर आई छत्तीसगढ़ के गरियाबंद की ग्राम पंचायत करकरा से जहां की पंचायत ने अपने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे पद मुक्त कर दिया।

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पंचायत के पंच परमेश्वरों ने लिखा की यह पंच शराब पीकर पंचायत में बैठता और यह इस पद की मर्यादा और उसकी जवाबदेही के साथ खिलवाड़ है। इस बात पर सभा में मौजूद 15 पंचों की सभा में से 12 ने शराबी पंच के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया। इस प्रस्ताव के पारित होते ही तत्काल प्रभाव के साथ शराबी पंच की कुर्सी चली गई। 

 

अमन वर्मा, IBC24


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