संविलियन को लेकर शिक्षाकर्मियों का ‘संग्राम’, देखिए बड़ी बहस

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संविलियन को लेकर शिक्षाकर्मियों का ‘संग्राम’, देखिए बड़ी बहस

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  • Publish Date - May 11, 2018 / 03:58 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:48 PM IST

रायपुर। चुनावी साल होने के कारण छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के करीब-करीब सभी संगठन अपनी बात मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सवा लाख से ज्यादा शिक्षाकर्मियों ने भी वक्त को पहचाना और सरकार पर दबाव बढ़ाने की शुरुआत कर दी। शुक्रवार को राजधानी में उन्होंने महापंचायत कर अपनी एकजुटता का संदेश तो सरकार को भेजा ही। साथ ही आने वाले दिनों में संविलियन को लेकर उससे दो-दो हाथ करने का इरादा भी ज़ाहिर कर दिया।

मई की इस पिघलाती गर्मी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित धरनास्थल पर शिक्षाकर्मियों की महापंचायत जुटी। इस महापंचायत का आयोजन शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चे ने किया। इसमें 5 हज़ार से ज्यादा शिक्षक जुटे। महापंचायत में संविलियन समेत 9 मांगों को लेकर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश और राजस्थान में शिक्षाकर्मियों के संविलियन के बाद प्रदेश के शिक्षक भी और भी ज़ोर-शोर से ये मांग कर रहे हैं कि उनको जल्द ही शिक्षा विभाग में मर्ज किया जाए।

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छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी अरसे से संविलियन को लेकर झंडा उठाए हुए हैं, पर इसमें हो रही देरी ने उनका सब्र तोड़ दिया है। अब वे इसे लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। शुक्रवार को हुई महापंचायत में शिक्षाकर्मियों ने ये फैसला लिया है कि आने वाले 26 मई को वो प्रदेश भर में संविलियन संकल्प दिवस मनाएंगे। इस दौरान शिक्षाकर्मी प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे। उनके परिवार और छात्र भी इस प्रदर्शन में उनके साथ होंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो पत्थलगड़ी की तर्ज पर वे संविलियन गड़ी अभियान चलाएंगे, जिसके तहत पूरे प्रदेश को पोस्टर्स से पाटा जाएगा। उनमें सरकार की वादाखिलाफी और नाकामी का हिसाब लिखा होगा।

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हालांकि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उन्हें ये भरोसा दिलाया है कि वे संविलियन को लेकर संजीदा हैं और प्रदेश में इसे कैसे लागू करें, ये जानने के लिए उन्होंने अधिकारियों के दल को मध्यप्रदेश और राजस्थान भी भेजा है ।

छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी अरसे से संविलियन को लेकर झंडा उठाए हुए हैं, पर इसमें हो रही देरी ने उनका सब्र तोड़ दिया है। अब वे इसे लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। शुक्रवार को हुई महापंचायत में शिक्षाकर्मियों ने ये फैसला लिया है कि आने वाले 26 मई को वो प्रदेश भर में संविलियन संकल्प दिवस मनाएंगे। इस दौरान शिक्षाकर्मी प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे। उनके परिवार और छात्र भी इस प्रदर्शन में उनके साथ होंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो पत्थलगड़ी की तर्ज पर वे संविलियन गड़ी अभियान चलाएंगे, जिसके तहत पूरे प्रदेश को पोस्टर्स से पाटा जाएगा। उनमें सरकार की वादाखिलाफी और नाकामी का हिसाब लिखा होगा।

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मतलब ये कि संविलियन को लेकर अब शिक्षाकर्मी आक्रामक मुहिम की तैयारी कर चुके हैं। इस सूरतेहाल में सरकार के लिए इस मांग को ज्यादा दिनों तक टालना आसान नहीं होगा, क्योंकि चुनावी साल में शिक्षाकर्मियों को नाराज करने जोखिम वो शायद ही उठाना चाहेगी।

वेब डेस्क, IBC24