बच्चों में कोविड के बढ़ते मामलों के नियंत्रण के लिए बीएमसी ने क्या कदम उठाए हैं : उच्च न्यायालय

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बच्चों में कोविड के बढ़ते मामलों के नियंत्रण के लिए बीएमसी ने क्या कदम उठाए हैं : उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - May 27, 2021 / 12:06 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:27 PM IST

मुंबई, 27 मई (भाषा) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि शहर में नौ मई तक करीब 12,000 बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं।

बीएमसी के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल साखरे ने न्यायमूर्ति अमजद सैय्यद और न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी की पीठ को बताया कि शहर में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक 17 बच्चों की मौत हुई है।

अदालत ने बीएमसी से जानना चाहा कि बच्चों को समय पर और उचित इलाज मुहैया कराने के लिए क्या किया जा रहा है।

साखरे ने अदालत को बताया कि बीएमसी ने शहर में स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचना का आधुनिकीकरण किया है और वह महामारी की तीसरी लहर के लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि राज्य ने कोविड-19 से ग्रस्त होने वाले बच्चों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल शहर में सिर्फ दो बच्चों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है।

साखरे ने उच्च न्यायालय को बताया, ‘‘हमने अलग बिस्तर रखे हैं, बच्चों के उपचार के लिए पर्याप्त सुविधा है।’’

कोविड-19 महामारी संबंधी मुद्दों के उचित प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने पूछा कि क्या बीएमसी ने बीमार बच्चों की देखभाल करने वालों और अभिभावकों के लिए उचित प्रबंध किया है।

साखरे ने बताया, ‘‘हां, हमने जरुरत पड़ने पर अस्पताल में रूकने वाले अभिभावकों और माता-पिता की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया है। उनके (अभिभावक/माता-पिता) टीकाकरण की जरुरत है।’’

उन्होंने बताया कि बीएमसी के वार्षिक बजट का 12 प्रतिशत हिस्सा शहर में स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने पर खर्च किया जा रहा है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की है।

भाषा अर्पणा माधव

माधव