(Defence Stocks/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Defence Stocks नवरत्न डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को शुक्रवार 23 जनवरी को 610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को कम्युनिकेशंस डिवाइस, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, थर्मल इमेजिंग सिस्टम और जैमिंग इक्विपमेंट सप्लाई करने का काम मिला है। इसके अलावा, इस ऑर्डर में रिपेयर पार्ट्स और एसोसिएटेड सर्विसेज का काम भी शामिल है। नए ऑर्डर से यह साफ दिखाई दे रहा है कि डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कंपनी की पकड़ मजबूत है।
BEL को मिले ऑर्डर यह दिखाते हैं कि भारतीय सेना और सरकार की अलग-अलग संस्थाओं की तरफ से लगातार काम मिल रहा है। इससे कंपनी की स्थिति मजबूत होती जा रही है। इससे पहले, BEL को 8 जनवरी को 596 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। ऐसे लगातार ऑर्डर्स से निवेशकों और बाजार में कंपनी की विश्वसनीयता बढ़ रही है।
शुक्रवार को BEL का शेयर 412.40 रुपये पर बंद हुआ, जो दिन में 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 49 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं, सेंसेक्स में इस दौरान 6.56 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। 52 हफ्तों में (Defence Stock) इस स्टॉक का हाई 436 रुपये और लो 240.25 रुपये रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये के करीब है।
| विवरण | आंकड़े |
| वर्तमान मूल्य | ₹412.40 |
| आज का परिवर्तन | −₹4.90 (−1.17%) |
| आज का ओपन | ₹408.80 |
| आज का हाई | ₹419.00 |
| आज का लो | ₹408.50 |
| मार्केट कैप | ₹3.00 लाख करोड़ |
| P/E अनुपात | 52.94 |
| 52-सप्ताह हाई | ₹436.00 |
| 52-सप्ताह लो | ₹240.25 |
| डिविडेंड | 0.58% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹0.60 |
बीते दो साल में BEL के शेयरों में 119 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि तीन साल में यह 304 प्रतिशत बढ़ चुका है। पांच साल में शेयरों का भाव 830 प्रतिशत तक उछल चुका है। इसके अलावा, कंपनी लगातार डिविडेंड भी देती रही है। पिछले साल कंपनी ने दो बार एक्स-डिविडेंड ट्रेड किया और कुल 2.40 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों को दिया।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।