(Rolex Rings Share Buyback/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Rolex Rings Share Buyback: आज मंगलवार, 21 अप्रैल को Rolex Rings Ltd के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 19% तक उछल गया और 165.90 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। यह तेजी कंपनी के शेयर बायबैक की संभावित खबर के बाद आई, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिला। पिछले एक महीने में भी शेयर लगभग 39% तक बढ़ चुका है और अपने 52-हफ्ते के हाई के बेहद करीब पहुंच गया है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसका बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स गुरुवार को एक अहम बैठक करेगा। इस बैठक में पूरी तरह से चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर यह मंजूर होता है तो यह कंपनी का पहला शेयर बायबैक होगा। निवेशक इस फैसले को लेकर काफी उत्साहित हैं क्योंकि इससे शेयर की वैल्यू और मजबूत हो सकती है।
रोलेक्स रिंग्स का कॉरपोरेट एक्शन इतिहास बहुत सीमित रहा है। अब तक कंपनी ने केवल एक बार स्टॉक स्प्लिट किया है। जिसमें एक शेयर को 10 हिस्सों में बांटा गया था। यह प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में की गई थी। इसके अलावा कंपनी ने अब तक न तो बोनस शेयर जारी किए हैं और न ही निवेशकों को डिविडेंड दिया है, जिससे यह बायबैक चर्चा और भी खास बन गई है।
| मापदंड | विवरण |
| कंपनी | Rolex Rings Ltd |
| अंतिम मूल्य | ₹ 163.10 |
| बदलाव | +₹23.62 (16.93%) |
| ओपन | ₹ 145.80 |
| हाई | ₹ 165.90 |
| लो | ₹ 144.50 |
| मार्केट कैप | ₹4.43K करोड़ |
| P/E रेशियो | 28.44 |
| 52-वीक हाई | ₹ 166.00 |
| 52-वीक लो | ₹ 99.79 |
| डिविडेंड | उपलब्ध नहीं |
| तिमाही डिविडेंड | उपलब्ध नहीं |
मार्च तिमाही के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 52.2% रही। जबकि घरेलू म्यूचुअल फंड्स के पास 28.7% हिस्सेदारी थी। रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी 8.8% तक पहुंची है। बाजार में मंगलवार को स्टॉक 165.90 रुपये के करीब ट्रेड करता दिखा, जो इसके IPO प्राइस 90 रुपये से काफी ऊपर है। लगातार तेजी के चलते यह शेयर अपने 52-वीक हाई के बेहद करीब पहुंच चुका है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।