Share Market Today: ग्लोबल संकेत ने बढ़ाई टेंशन! सेंसेक्स-निफ्टी के लिए आज का दिन पड़ सकता है भारी, क्या आएगी गिरावट की सुनामी?

Share Market Today: डाओ जोंस में 750 अंकों से ज्यादा गिरावट आई है और एशियाई बाजार भी कमजोर खुले हैं। गिफ्ट निफ्टी 550 अंक नीचे है। फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं, लेकिन ईरान तनाव से महंगाई बढ़ने की चेतावनी दी, जिससे भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है।

Share Market Today: ग्लोबल संकेत ने बढ़ाई टेंशन! सेंसेक्स-निफ्टी के लिए आज का दिन पड़ सकता है भारी, क्या आएगी गिरावट की सुनामी?

(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: March 19, 2026 / 08:58 am IST
Published Date: March 19, 2026 8:58 am IST
HIGHLIGHTS
  • कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा
  • एशियाई बाजारों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज
  • गिफ्ट निफ्टी करीब 525 अंकों की कमजोरी दिखा रहा है

नई दिल्ली: Share Market Today In India कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के कारण भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी-50 के गुरुवार को गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की चिंता का असर साफ तौर पर बाजार पर देखने को मिल रहा है।

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और वैश्विक तनाव के बाद एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई। जापान का निक्केई 225 करीब 2.5% गिर गया, जबकि टॉपिक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और कोस्डैक भी 2% से ज्यादा टूट गए। हांगकांग बाजार के भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले हैं।

गिफ्ट निफ्टी के संकेत अच्छे नहीं

गिफ्ट निफ्टी करीब 23,251 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद से लगभग 525 अंकों की गिरावट दर्शाता है। यह साफ संकेत देता है कि भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है और शुरुआती कारोबार में दबाव बना रह सकता है।

अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट

अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। डॉऊ जोन्स 750 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक भी 1% से ज्यादा नीचे बंद हुए। निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है।

फेडरल रिजर्व का फैसला

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और उन्हें 3.5% से 3.75% के बीच बनाए रखा। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय है और आगे स्थिति चुनौतीपूर्ण रह सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 4% से ज्यादा उछलकर 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। सप्लाई में बाधा की आशंका से बाजार में चिंता बढ़ गई है।

जियोपॉलिटिकल तनाव और ऊर्जा संकट

ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों से वैश्विक सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है। इससे दुनियाभर के बाजारों में अनिश्चितता और डर का माहौल बना हुआ है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।