Kanker IED Blast Martyrs Soldiers : शहीद 4 जवानों को दी गई आखिरी सलामी, आईजी सुंदरराज पी समेत अफसरों ने दी श्रद्धांजलि, जानिए कैसे हुआ था खौफनाक हादसा

छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुए IED ब्लास्ट में 4 DRG जवान शहीद हो गए। नक्सलमुक्ति के ऐलान के बाद यह पहली बड़ी घटना है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Kanker IED Blast Martyrs Soldiers : शहीद 4 जवानों को दी गई आखिरी सलामी, आईजी सुंदरराज पी समेत अफसरों ने दी श्रद्धांजलि,  जानिए कैसे हुआ था खौफनाक हादसा

Kanker IED Blast Martyrs Soldiers / Image Source ; SCREEGRAB


Reported By: Ashfaque Ahmed,
Modified Date: May 3, 2026 / 07:53 am IST
Published Date: May 3, 2026 7:53 am IST
HIGHLIGHTS
  • कांकेर-नारायणपुर सीमा पर IED ब्लास्ट में 4 DRG जवान शहीद हुए।
  • ऑपरेशन के दौरान बारूदी सुरंग निष्क्रिय करते वक्त हुआ धमाका।
  • नक्सलमुक्ति के ऐलान के बाद यह पहली बड़ी और चिंताजनक घटना।

कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर हुए एक दर्दनाक आईईडी (IED) ब्लास्ट में 4 DRG जवान शहीद हो गए थे। आज नारायणपुर पुलिस लाइन में इन बहादुर जवानों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। IG सुंदरराज पी सहित पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में आज जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम रवाना किया गया।

कैसे हुआ पूरा हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, कल डीआरजी की एक टीम नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी का पता लगाने और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने का अभियान चला रही थी, इसी ऑपरेशन के दौरान IED ब्लास्ट हो गया। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से DRG के 3 जवान शहीद हो गए और एक जवान घायल हो गया। बेहतर इलाज के लिए घायल जवान को रायपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

धमाके के असली कारण जानने के लिए बनाई गई टीम

इस घटना में दल का नेतृत्व कर रहे डीआरजी के निरीक्षक सुखराम वट्टी, जिला बल के आरक्षक कृष्णा कुमार कोमरा, बस्तर फाइटर्स के आरक्षक संजय गढ़पाले ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं बस्तर फाइटर्स के एक आरक्षक परमानंद कोर्राम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फिलहाल धमाके के सही कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

नक्सलमुक्त होने के बाद पहली घटना

गौरतलब यह है कि छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा के बाद बारूदी सुरंग विस्फोट में जवानों की मौत की यह पहली घटना है। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जो अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

इन्हें भी पढ़ें :

 


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..