Stock Market Next Week: शेयर बाजार में आने वाला है निर्णायक मोड़? अगले हफ्ते के ये बड़े कारक तय करेंगे बाजार की किस्मत

Stock Market Next Week: अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार वैश्विक घटनाओं और अमेरिका के टैरिफ फैसलों से प्रभावित होगा। घरेलू जीडीपी आंकड़े और मासिक एफएंडओ एक्सपायरी भी दिशा तय करेंगे। पिछले सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी बढ़े। विदेशी निवेशक खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Stock Market Next Week: शेयर बाजार में आने वाला है निर्णायक मोड़? अगले हफ्ते के ये बड़े कारक तय करेंगे बाजार की किस्मत

(Stock Market Next Week/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 22, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: February 22, 2026 4:02 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मासिक एफएंडओ एक्सपायरी: 24 फरवरी को, बढ़ेगा उतार-चढ़ाव।
  • गति बनी रहेगी: विदेशी निवेशकों का शुद्ध खरीदी रुझान।
  • जीडीपी आंकड़े: 27 फरवरी को आएंगे, देखेंगे अर्थव्यवस्था का मिजाज।

नई दिल्ली: Stock Market Next Week अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों का असर देखने को मिलेगा। निवेशक खासकर अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों पर नजर बनाए रखेंगे। साथ ही घरेलू जीडीपी आंकड़े और मासिक एफएंडओ (फ्यूचर्स और ऑफ्शंस) एक्सपायरी भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

शुक्रवार को बाजार में रही तेजी (Rise in Last Session)

पिछले सत्र में गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती दिखाई। सेंसेक्स 317 अंक यानी 0.38% बढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 116.90 अंक यानी 0.46% की बढ़त के साथ 25,571.25 पर पहुंच गया। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.44% चढ़ा, लेकिन बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19% गिर गया।

निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तर (Important Levels of Nifty)

विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,800 स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 स्तर अहम रहेंगे। नीचे की ओर 25,300 और 25,100 मजबूत सपोर्ट हैं। यदि निफ्टी 25,000 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट का दबाव बढ़ सकता है और बाजार कमजोर नजर आ सकता है।

वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतक (Economic Indicators)

वैश्विक व्यापार और अमेरिका के टैरिफ फैसलों का असर निवेशकों की धारणा पर रहेगा। घरेलू स्तर पर 27 फरवरी को नए तिमाही जीडीपी अनुमान की रिलीज पर ध्यान रहेगा। इसके अलावा बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और बुनियादी ढांचा उत्पादन के डेटा भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे।

विदेशी निवेश और अस्थिरता का असर (Effect of Instability)

विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में सुधार दिखा है। फरवरी में अब तक एफपीआई निवेश 14,177.66 करोड़ और प्राथमिक बाजार में 2,733.89 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, कुल 16,911.55 करोड़ रुपए। मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन स्टॉक-स्पेसिफिक ट्रेडिंग और निवेश जारी रहने की संभावना है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।