(Suzlon Energy Share Price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Suzlon Energy Share Price: सुजलॉन एनर्जी के शेयर आज बुधवार को हल्की सुस्त चाल के साथ नजर आया। लेकिन इसके भविष्य को लेकर एक्सपर्ट सकारात्मक रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना है। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भी इस शेयर में लगातार बढ़ रही है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने सुजलॉन को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूत कंपनी बताया है और इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस 65 रुपये तय किया है। जिससे मौजूदा स्तर से करीब 15% बढ़त की संभावना जताई गई है। वहीं, एक अन्य ब्रोकरेज देवेन चौकसे ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए 74 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है जो लगभग 25% तक की संभावित बढ़त को दर्शाता है।
सुजलॉन कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के हाई 68.30 रुपये से करीब 15% नीचे ट्रेड कर रहा है। वर्तमान में यह 60 रुपये से कम के स्तर पर है। हालांकि, साल 2026 में अब तक इसमें 11% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। इसका 52 हफ्तों का लो 38.19 रुपये और हाई 68.30 रुपये रहा है जो इसकी वोलैटिलिटी को दर्शाता है।
| विवरण | आंकड़े |
| कंपनी | Suzlon Energy Ltd |
| एक्सचेंज | NSE: SUZLON |
| वर्तमान कीमत | ₹ 57.94 |
| आज का बदलाव | -0.60% (−₹0.35) |
| ओपन | ₹ 58.25 |
| हाई | ₹ 58.79 |
| लो | ₹ 57.61 |
| मार्केट कैप | ₹79.37K Cr |
| P/E रेशियो | 25.08 |
| 52-वीक हाई | ₹ 68.30 |
| 52-वीक लो | ₹ 38.19 |
| डिविडेंड | नहीं |
| क्वार्टरली डिविडेंड अमाउंट | नहीं |
Suzlon Energy में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी लगातार तीसरी तिमाही में बढ़ी है। कंपनी अब सिर्फ विंड एनर्जी तक सीमित नहीं रहकर एक फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसकी रणनीति में हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स, EPC सेवाएं और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शामिल हैं। कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 4.5 गीगावाट है और ऑर्डर बुक लगभग 6 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। जिससे भविष्य में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।