(Suzlon Share Price/ Image Credit: Suzlon Energy)
नई दिल्ली: Suzlon Share Price: सुजलॉन एनर्जी ने अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी अब सिर्फ विंड टरबाइन बनाने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सोलर एनर्जी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस में भी कदम रखेगी। इस रणनीति को ‘Suzlon 2.0’ नाम दिया गया है। वहीं इस खबर के बाद निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और शेयर में हल्की तेजी दर्ज की गई।
कंपनी के इस ऐलान के बाद सुजलॉन के शेयर में गुरुवार को करीब 3% की बढ़त देखी गई। बीएसई पर शेयर 54.40 रुपये की पिछली क्लोजिंग से बढ़कर 56.00 रुपये तक पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म JM Financial का मानना है कि यह स्टॉक आगे बढ़कर 65 रुपये तक जा सकता है यानी लगभग 20% की संभावित बढ़त का अनुमान लगाया गया है। इससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
सुजलॉन ने बताया कि वह RE DevCo नाम से एक नया प्लेटफॉर्म शुरू कर रही है जो रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर विकसित करेगा। कंपनी ने इस नई इकाई में वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। इसके अलावा अन्य नए बिजनेस सेगमेंट्स में 600 से 700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। ताकि कंपनी का विस्तार तेजी से हो सके।
| पैरामीटर | विवरण |
| कंपनी | Suzlon Energy Ltd |
| स्टॉक एक्सचेंज | NSE |
| वर्तमान कीमत | ₹ 55.47 |
| आज का बदलाव | +1.97% (+₹1.07) |
| ओपन प्राइस | ₹ 54.25 |
| दिन का उच्चतम | ₹ 56.00 |
| दिन का न्यूनतम | ₹ 54.03 |
| मार्केट कैप | ₹76.18K Cr |
| P/E रेशियो | 24.01 |
| 52-सप्ताह उच्च | ₹ 69.50 |
| 52-सप्ताह निम्न | ₹ 38.19 |
| डिविडेंड | नहीं |
| तिमाही डिविडेंड राशि | उपलब्ध नहीं |
कंपनी ने अगले पांच वर्षों के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं। सुजलॉन का उद्देश्य वार्षिक रिन्यूएबल एनर्जी बिक्री को चार गुना बढ़ाकर 10 गीगावाट तक पहुंचाना है। साथ ही 2031 तक ऑर्डर बुक को 15 गीगावाट तक ले जाने की योजना है। कंपनी भारत के विंड एनर्जी बाजार में लगभग 40% हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है और 3 गीगावाट का निर्यात ऑर्डर भी प्राप्त करने का लक्ष्य रखती है। माना जा रहा है कि RE DevCo आने वाले वर्षों में कंपनी के कुल कारोबार का बड़ा हिस्सा बन सकता है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।