(Top Losers Stocks/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Top Losers Stocks: पिछले हफ्ते शेयर बाजार के दिन बिल्कुल अच्छे नहीं रहे। मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.51% और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31% गिर गया। इस गिरावट के चलते देश की टॉप 10 कंपनियों के मार्केट कैप को कुल मिलाकर 4.48 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जिसमें एसबीआई और HDFC बैंक का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घट गए।
देश की प्रमुख कंपनियों में HDFC बैंक का मार्केट कैप 61,715.32 करोड़ रुपए घटकर 12,57,391.76 करोड़ रुपए हो गया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का मार्केट कैप 89,306.22 करोड़ रुपए घटकर 9,66,261.05 करोड़ रुपए रह गया। बजाज फाइनेंस का मार्केट वैल्यू 59,082.49 करोड़ रुपए घटकर 5,32,053.54 करोड़ रुपए हो गया। Hindustan Unilever का मार्केट कैप 15,401.57 करोड़ रुपए घटकर 5,07,640.94 करोड़ रुपए रह गया। ICICI बैंक का मार्केट कैप 42,205.04 करोड़ रुपए घटकर 8,97,844.78 करोड़ रुपए रह गया।
आईटी और टेलीकॉम कंपनियों को भी नुकसान हुआ। TCS का मार्केट कैप 53,312.52 करोड़ रुपए घटकर 8,72,067.63 करोड़ रुपए हो गया। Infosys का मार्केट कैप 24,230.96 करोड़ रुपए घटकर 5,06,315.58 करोड़ रुपए रह गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 38,688.78 करोड़ रुपए घटकर 10,28,431.72 करोड़ रुपए हो गया। LIC का मार्केट कैप 31,245.49 करोड़ रुपए घटकर 4,88,985.57 करोड़ रुपए रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे कम नुकसान हुआ, इसका मार्केट कैप 33,289.88 करोड़ रुपए घटकर 18,68,293.17 करोड़ रुपए रह गया।
ब्रोकिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार में कमजोरी की मुख्य वजह ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव और इसके साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जिससे महंगाई और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई। इस गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे अधिक वैल्यू वाली घरेलू कंपनी बनी रही, इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, ICICI बैंक, TCS, बजाज फ़ाइनेंस, Hindustan Unilever, Infosys और LIC का स्थान रहा।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।