(8th Pay Commission Salary Hike/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Salary Hike: देशभर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग को लेकर काफी उत्साहित हैं। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया वेतन आयोग सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी करेगा और फिटमेंट फैक्टर क्या रहेगा। आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करता है। ताकि महंगाई और समय के अनुसार वेतन संरचना को अपडेट किया जा सके। इसी वजह से इस बार भी कर्मचारियों में उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
पिछले वेतन आयोगों के ट्रेंड को देखें तो सैलरी बढ़ोतरी का असल फायदा मिलने में समय लगता है। 7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में हुआ था और इसकी रिपोर्ट नवंबर 2015 में आई थी। इसी आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 तक सामने आ सकती है। इसका गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ है और इसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गणितीय गुणांक है जिसके जरिए कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। इसका फॉर्मूला होता है – पुरानी बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर = नई बेसिक पे। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 तय किया गया था। जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हो गई थी। इसी वजह से इस बार भी फिटमेंट फैक्टर पर सभी की नजर बनी हुई है।
हालांकि अभी तक 8वें वेतन आयोग के लिए कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं हुआ है। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 2.28 से 3.83 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह बढ़ोतरी देश के लाखों परिवारों की आय पर सीधा प्रभाव डालेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर लगभग 1.1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा। इसमें केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवार शामिल हैं। भारत में पहला वेतन आयोग 1946 में गठित हुआ था और तब से अब तक कुल 7 आयोग अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं। अब 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट यह तय करेगी कि अगले कुछ वर्षों में कर्मचारियों की आय और जीवन स्तर में कितना सुधार होगा।