Google Chrome Cyber Attack: क्या आप भी Google Chrome यूजर हैं? सरकारी एजेंसी ने जारी किया अलर्ट, जानिए क्या है वो बड़ा खतरा और कैसे बचें?
Google Chrome Cyber Attack: गूगल क्रोम के पुराने वर्जन में सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिन्हें साइबर अटैकर्स द्वारा यूजर्स को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस खतरे को लेकर हाई-रिस्क अलर्ट जारी किया गया है, और तुरंत अपडेट करने की सलाह दी गई है।
(Google Chrome Cyber Attack/ Image Credit: Pexels)
- CERT-In ने गूगल क्रोम के पुराने वर्जन के लिए हाई-रिस्क अलर्ट जारी किया है।
- साइबर अटैकर्स इन खामियों का फायदा उठाकर यूजर्स का डेटा चुरा सकते हैं।
- गूगल ने सिक्योरिटी पैच जारी कर इन खामियों को ठीक किया है।
Google Chrome Cyber Attack Risk: गूगल क्रोम वेब ब्राउजर के यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी जारी हुई है। सरकारी एजेंसी CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने हाई-रिस्क सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इसमें बताया गया है कि क्रोम के कुछ पुराने वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई है, जिनका फायदा साइबर अटैकर्स उठाकर यूजर्स को टारगेट कर सकते हैं। चूंकि क्रोम सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ब्राउजर है, इसलिए हैकर्स की नजर इस पर रहती है।
सबसे ज्यादा खतरा किन वर्जन में
अलर्ट के मुताबिक, Windows या Mac पर क्रोम का 145.0.7632.116/117 से पुराना वर्जन और Linux पर 145.0.7632.116 से पुराना वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर सबसे ज्यादा खतरा है। इन पुराने वर्जनों में कई सुरक्षा खामियां मिली हैं। हैकर्स इन खामियों का इस्तेमाल करके रिमोट कोड एग्जीक्यूशन कर सकते हैं, जिससे सिस्टम में पूरी तरह से एक्सेस मिल सकती है। इसके बाद हैकर्स आपके डेटा को चोरी कर सकते हैं और अन्य सिस्टम को भी टारगेट कर सकते हैं।
यूजर्स के लिए जरूरी कदम
CERT-In ने चेतावनी दी है कि जो लोग पुराने क्रोम वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट करना चाहिए। गूगल ने सिक्योरिटी पैच जारी कर इन खामियों को दूर कर दिया है। लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करने के बाद यूजर्स अपने सिस्टम को हैकर्स और साइबर अटैक से बचा सकते हैं और सुरक्षित इंटरनेट ब्राउजिंग का अनुभव ले सकते हैं।
सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेटेड रखें
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूजर्स को केवल ब्राउजर ही नहीं, बल्कि अपने लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल की सभी ऐप्स और सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेटेड रखना चाहिए। अपडेटेड सॉफ्टवेयर नए फीचर्स के साथ-साथ सुरक्षा खामियों को भी दूर करता है। ऐसा करने से यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहता है और साइबर अटैक के खतरे कम हो जाते हैं।
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