(IRCTC Action on Catering Sites/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: IRCTC Action on Catering Sites: भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेन यात्रियों को ठगने वाले कई फर्जी फूड डिलीवरी ऐप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। ये प्लेटफॉर्म IRCTC के नाम का गलत इस्तेमाल करके यात्रियों से पैसे और निजी जानकारी ले रहे थे। रेलवे ने यात्रियों को ऐसे फर्जी साइट्स से सावधान रहने की सलाह दी है।
ट्रेन में ‘मील ऑन व्हील्स’ और ई-कैटरिंग सेवाओं के नाम पर कई वेबसाइट और ऐप सक्रिय थे। इनमें से कई प्लेटफॉर्म असली नहीं थे। यात्रियों को आकर्षक ऑफर देकर फंसाया जाता था और उनसे PNR नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल और पेमेंट डिटेल्स तक ले ली जाती थीं। कई मामलों में पैसे लेने के बाद खाना डिलीवर नहीं किया जाता था।
IRCTC ने ऐसे फर्जी प्लेटफॉर्म्स को पहले 18 फरवरी 2026 को कानूनी नोटिस भेजा था। लेकिन जब इन पर कोई असर नहीं हुआ तो 16 मार्च को पहली आपराधिक शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद 11 अप्रैल को दूसरी शिकायत भी दर्ज की गई। इसके बाद जांच में कई अनधिकृत वेबसाइटों और ऐप्स की पहचान की गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
रेलवे ने कई फर्जी प्लेटफॉर्म्स को चिन्हित किया है जिनमें railrestro.com, railmitra.com, travelkhana.com, trainscafe.com, dibrail.com, railfood.net, comesum.com, travelerfood.com, foodontrack.in, ecatering.app, khanaonline.in, trainway.in, railmeal.com और trainmenu.com के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की गई।
IRCTC की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा देशभर के 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है। इसके साथ 600 से ज्यादा सीधे विक्रेता और 13 अधिकृत फूड एग्रीगेटर जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर 5,600 से अधिक विक्रेता यात्रियों को सेवा दे रहे हैं। अप्रैल 2026 में रोजाना औसतन 1.55 लाख से अधिक भोजन ऑर्डर किए गए।
रेलवे ने साफ कहा है कि यात्री केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ऐप्स से ही खाना ऑर्डर करें। किसी भी अनजान लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर भरोसा न करें। ऐसा करने से पैसे की हानि हो सकती है।