(Mobile Recharge/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Mobile Recharge: देश में मोबाइल रिचार्ज प्लान की मियाद को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी, जो अब सरकार के स्तर तक पहुंच चुकी है। यूजर्स की बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन की वैधता वाले प्लान को ज्यादा प्रमुखता से पेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। यह कदम 28 दिन वाले प्लान से होने वाली समस्याओं को देखते हुए उठाया जा रहा है।
हाल ही में राज्यसभा में राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा रिचार्ज प्लान्स में अगर यूजर्स को रोजाना डेटा मिलता है और वह पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते, तो बचा हुआ डेटा बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है। चड्ढा ने सुझाव दिया कि यूजर्स को बचा हुआ डेटा अगले दिन या अगले साइकिल में उपयोग करने की सुविधा मिलनी चाहिए, जिससे उनका नुकसान न हो।
राघव चड्ढा ने 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को पूरी तरह से खत्म करने की मांग भी की। उनका कहना था कि इन प्लान्स के कारण यूजर्स को साल में ज्यादा बार रिचार्ज करना पड़ता है, जिससे उनका खर्च बढ़ता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि रिचार्ज खत्म होने के बाद भी एसएमएस और इनकमिंग कॉल जैसी बेसिक सेवाएं एक साल तक चालू रहनी चाहिए, ताकि यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए टेलीकॉम कंपनियों से 30 दिन वाले प्लान को प्रमुखता देने को कहा है। वहीं, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (TRAI) पहले ही यह नियम बना चुका है कि कंपनियों को अपने प्लान्स में 30 दिन की वैधता वाला विकल्प देना जरूरी है। हालांकि, कंपनियों को कीमत और अन्य शर्तें तय करने की स्वतंत्रता दी गई है, जिससे वे अपनी सेवाओं को बेहतर बना सकें।
अगर सरकार की यह पहल आगे बढ़ती है, तो यूजर्स को जल्द ही अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक रिचार्ज प्लान मिल सकते हैं। 30 दिन की वैधता वाले प्लान से लोगों को हर महीने एक ही तारीख पर रिचार्ज करने की सुविधा मिलेगी, जिससे बार-बार रिचार्ज करने की झंझट कम हो जाएगी। इसके साथ ही यूजर्स को डेटा के रोलओवर की सुविधा मिलने से उनका फायदा भी बढ़ेगा।