(Roman Space Telescope Launch/ Image Credit: X)
Roman Space Telescope Launch: नासा का Roman Space Telescope अंतरिक्ष की गहराइयों में छिपे रहस्यों की खोज (Roman Space Telescope Launch) के लिए रवाना हो चुका है। इसकी खासियत यह है कि यह किसी एक ग्रह या तारे पर ही ध्यान नहीं दोगा बल्कि अंतरिक्ष के बड़े हिस्से का एक साथ सर्वे करेगा। इससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के विस्तार, आकाशगंगाओं और कई रहस्यमयी घटनाओं को समझने में मदद मिल सकती है।
Roman Telescope को फ्लोरिडा के Cape Canaveral स्थित NASA के Kennedy Space Center से SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया। भारतीय समय के अनुसार इसकी उड़ान शाम करीब 4:57 बजे हुई। अब टेलीस्कोप पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर Sun-Earth Lagrange Point-2 यानी L2 की ओर बढ़ रहा है। यहां पहुंचने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
Roman Telescope पृथ्वी की सामान्य कक्षा में घूमने के बजाय सूर्य-पृथ्वी के L2 क्षेत्र के आसपास एक विशेष कक्षा (Roman Space Telescope Launch) में काम करेगा। वहां पहुंचने के बाद भी इसका वैज्ञानिक मिशन तुरंत शुरू नहीं होगा। NASA करीब तीन महीने तक इसके सिस्टम और वैज्ञानिक उपकरणों की जांच करेगा। टेस्टिंग पूरी होने के बाद टेलीस्कोप नियमित तौर पर अंतरिक्ष का अध्ययन शुरू करेगा।
Roman Telescope की शुरुआत भी (Roman Space Telescope Launch) काफी दिलचस्प रही है। इसे पहले अमेरिका के National Reconnaissance Office के Spy Satellite Program के लिए डिजाइन किया गया था। हालांकि यह कार्यक्रम बजट से जुड़ी वजहों से आगे नहीं बढ़ सका। बाद में 2012 में NRO ने इस तकनीक को NASA को सौंप दिया, जिसके बाद इसे अंतरिक्ष विज्ञान के लिए तैयार किया गया।
Roman Telescope में 2.4 मीटर का मुख्य दर्पण लगा है, जो आकार में Hubble के मिरर के करीब है। लेकिन इसका Wide Field Instrument एक बार में Hubble से लगभग 100 गुना बड़ा क्षेत्र देख सकता है। यह Dark Energy और Dark Matter की जांच, आकाशगंगाओं के विकास और Exoplanets की खोज में मदद करेगा। जहां James Webb खास वस्तुओं की बारीकी से तस्वीर लेता है। वहीं Roman बड़े स्तर पर ब्रह्मांड का सर्वे करेगा।