Sim Binding Rules: 1 मार्च से बदल जाएंगे WhatsApp चलाने के नियम, सरकार ने इन एप्लीकेशन्स पर भी बरती सख्ती, जानिए अब क्या होगी परेशानी
Sim Binding Rules: 1 मार्च से वॉट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए आपके मोबाइल में सक्रिय सिम कार्ड होना जरूरी होगा। नए 'सिम-बाइंडिंग' नियम के तहत बिना सिम कार्ड के ये ऐप्स काम नहीं करेंगे।
(Sim Binding Rules/ Image Credit: Pexels)
- 1 मार्च से WhatsApp, Telegram और Signal में सिम बाइंडिंग अनिवार्य।
- बिना सिम कार्ड वाले फोन में ऐप काम नहीं करेगा।
- नियम का मकसद: सुरक्षा और फर्जी मैसेज/कॉल रोकना।
नई दिल्ली: Sim Binding Rules in India 1 मार्च से WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स में नया ‘सिम बाइंडिंग’ नियम लागू हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिस सिम कार्ड से आपका अकाउंट बनाया गया है, वह फोन में होना जरूरी है। अगर सिम निकाल दिया गया या डिवाइस में एक्टिव नहीं है, तो ऐप काम करना बंद कर देगा। फिलहाल कई लोग वॉट्सऐप बिना सिम कार्ड भी इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन अब यह संभव नहीं होगा।
क्या है सिम बाइंडिंग नियम?
दरअसल, 1 मार्च से WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स को आपके अकाउंट से जुड़े सिम कार्ड के साथ जोड़ना यानी बाइंड जरूरी होगा। इसका मतलब है कि ऐप तभी काम करेगा जब रजिस्टर किया गया सिम कार्ड आपके फोन में मौजूद और एक्टिव हो। बिना सिम के किसी दूसरे फोन में ऐप इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
नियम का मकसद
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और फर्जी कॉल या मैसेज रोकने के लिए उठाया गया है। स्कैमर्स अक्सर दूसरों के नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी संदेश भेजते हैं। सिम बाइंडिंग से यह सुनिश्चित होगा कि ऐप का इस्तेमाल वही व्यक्ति कर रहा है जिसके पास वास्तविक सिम कार्ड है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम में कोई ढील या छूट नहीं दी जाएगी।
सभी मोबाइल यूजर्स पर नियम लागू
अब WhatsApp, Telegram या Signal केवल उसी सिम से जुड़े डिवाइस में काम करेंगे जिस सिम से अकाउंट बनाया गया था। किसी दूसरे फोन में उसी नंबर से ऐप नहीं चल पाएगा अगर सिम वहां नहीं है। यह नियम सभी मोबाइल यूजर्स पर लागू होगा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्ती से लागू किया जाएगा।
कंपनियों की चिंता
इंटरनेट कंपनियों जैसे Meta और Google ने इस नियम पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई टैबलेट और लैपटॉप में सिम स्लॉट नहीं होते, जिससे इन ऐप्स को चलाना मुश्किल होगा। इसके अलावा, यूजर्स का अनुभव प्रभावित हो सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा यूजर एक्सपीरियंस से ज्यादा जरूरी है।
कम्प्यूटर और लिंक्ड डिवाइस यूजर्स के लिए भी बदलाव
जो लोग WhatsApp को कंप्यूटर पर लिंक्ड डिवाइस के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी बदलाव है। 1 मार्च से उनका सेशन हर 6 घंटे में लॉग आउट होगा। इसका मतलब यह है कि अगर फोन में सिम नहीं है, तो कंप्यूटर या लैपटॉप पर ऐप भी बंद हो जाएगा। इस तरह सरकार ने सिम बाइंडिंग नियम को हर प्लेटफॉर्म पर सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
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