यहां मिलती है कालसर्प दोष से मुक्ति! भगवान गरुड़ का है इकलौता मंदिर.. जानिए

Here you get freedom from Kaal Sarp Dosh! This is the only temple of Lord Garuda.

  •  
  • Publish Date - October 8, 2021 / 10:17 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:24 PM IST

ऋषिकेश, उत्तराखंड। मान्यता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उसे यहां पर गरुड़ भगवान की पूजा करने से दोष के प्रभाव से मुक्ति मिलती है।

पढ़ें- खाने के सामान में मिलावट मिले.. तो खाद्य विभाग के पोर्टल पर दर्ज कराएं शिकायत

इस मंदिर के चारों ओर प्राकृतिक स्रोत का कुंड है, जहां पर रंग-बिरंगी मछलियां मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं।

पढ़ें- 500, 2000 के नोटों से हटेगी महात्मा गांधी की फोटो? प्रधानमंत्री मोदी से की गई अपील.. भ्रष्टाचार और घूसखोरी में हो रहा इस्तेमाल 

ऋषिकेश से करीब 10 किलोमीटर आगे और नीलकंठ महादेव मंदिर से लगभग 18 किलोमीटर पहले पौड़ी जिले में प्राचीन गरुड़ मंदिर मौजूद है। इस स्थान को गरुड़ चट्टी भी कहा जाता है।

पढ़ें- LAC पर करीब 200 चीनी सैनिकों को भारतीय जवानों ने रोका, चीनी सैनिकों का अरुणाचल में क्या है चाल.. जानें

बताते हैं कि ऋषि के श्राप से मुक्त होने के लिए गरुड़ भगवान ने इस जगह पर कठोर तपस्या की थी।

पढ़ें- उमर अब्दुल्ला की अल्पसंख्यक समुदाय से अपील.. किसी भी हाल में न छोड़ें घाटी

इसके साथ ही अतीत में चार धाम जाने वाले पैदल यात्रियों के लिए यह स्थान विश्राम की जगह भी होती थी। मणिकूट पर्वत पर बसा यह मंदिर कालसर्प दोष निवारण केे लिए प्रसिद्ध है।