लखनऊ, 19 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राजधानी के हुसैनगंज में लगभग 100 साल पुराने ‘चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज’ की जर्जर हो चुकी इमारत को असुरक्षित घोषित करते हुए एक सप्ताह के अंदर वहां सभी शैक्षणिक गतिविधियां बंद करने का मंगलवार को आदेश दिया।
अदालत ने जिला विद्यालय निरीक्षक को संस्थान की छात्राओं को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिये।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की पीठ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनके सेवा लाभों को बरकरार रखते हुए दूसरे संस्थानों में समायोजित करने का भी आदेश दिया।
पीठ ने यह आदेश विजय कुमार पांडे नामक व्यक्ति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया।
याचिका के मुताबिक स्कूल की इमारत बहुत ही जर्जर हालत में है और उसके किसी भी वक्त ढहने का खतरा है।
अदालत ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए पहले जिला विद्यालय निरीक्षक और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को इमारत का निरीक्षण करके रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
अदालत में प्रस्तुत की गई निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया था कि इमारत की अधिकतर दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं। रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया कि कॉलेज की छत अब मरम्मत के लायक नहीं है।
भाषा सं. सलीम जोहेब
जोहेब