Monalisa Birth Certificate Case || Image- AI Generate File
इंदौर: महाकुंभ मेले में वायरल हुईं मोनालिशा भोंसले और उनके पति फरमान ने मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की है। (Monalisa Birth Certificate Case) इस याचिका में उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा, नकली दस्तावेज तैयार करने और सांप्रदायिक माहौल बनाने की साजिश की गई है।
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Delhi: Advocate Subhash Chandran, counsel for ‘Kumbh Viral Girl’ Monalisa, on petition filed in Madhya Pradesh High Court, says, “Today, we have filed a writ petition in the Madhya Pradesh High Court. The prayer in this petition is to set aside the arbitrary action being taken by… pic.twitter.com/gZ8PhuYnrs
— IANS (@ians_india) May 19, 2026
मोनालिसा भोसले पिछले साल महाकुंभ मेले के दौरान अपने चेहरे और वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। बाद में उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखने वाले फारमान से शादी कर ली। दोनों ने अपनी सुरक्षा को लेकर केरल हाई कोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें सुरक्षा मिली। वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में मोनालिसा के पिता ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।
याचिका में कहा गया है कि मोनालिसा और फारमान की मुलाकात मलयालम फिल्म ‘नगम्मा’ की शूटिंग के दौरान हुई थी। दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से रिश्ते में आए। याचिका के अनुसार, मोनालिसा के पिता उन पर मध्य प्रदेश लौटकर अपने रिश्तेदार से शादी करने का दबाव बना रहे थे। (Monalisa Birth Certificate Case) इसके बाद मोनालिसा ने 11 मार्च को केरल के थंपानूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद पुष्टि की कि मोनालिसा बालिग हैं और अपनी पसंद से शादी कर सकती हैं। इसके बाद दोनों ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में शादी कर ली। बाद में उनकी शादी का पंजीकरण भी कराया गया। याचिका में कहा गया है कि मोनालिसा की जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जो आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र समेत सभी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है।
आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद उनके जन्म प्रमाण पत्र को बिना सूचना और गैरकानूनी तरीके से सरकारी पोर्टल से रद्द कर दिया गया। याचिका में इसे साजिश और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ बताया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एफआईआर भी एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर दर्ज की गई, जिसमें मोनालिसा को नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई।
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उन्होंने अदालत से कहा कि मोनालिसा बालिग हैं और उनकी शादी पूरी तरह कानूनी और स्वेच्छा से हुई है। इसलिए फारमान के खिलाफ अपहरण या पॉक्सो एक्ट के तहत कोई मामला नहीं बनता। (Monalisa Birth Certificate Case) याचिका में यह भी कहा गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस की लगातार कार्रवाई और पूछताछ के कारण दोनों डर और तनाव में जी रहे हैं और उन्हें बार-बार अपना ठिकाना बदलना पड़ रहा है।
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