मानकों पर खरे नहीं उतरे 184 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से बाहर : ब्रजेश पाठक
मानकों पर खरे नहीं उतरे 184 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से बाहर : ब्रजेश पाठक
लखनऊ, 12 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने अनिवार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानक पूरा करने में विफल रहने वाले 184 निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से बाहर कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इस योजना से जुड़े अस्पतालों के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई। सत्यापन में अग्नि सुरक्षा मंजूरी और बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन जैसी आवश्यकताएं परखी गईं। पैनल से बाहर किए गए अस्पताल अब इस योजना के तहत लाभार्थियों का नकदी रहित इलाज नहीं कर पाएंगे।
पाठक ने संवाददाताओं को बताया कि इन अस्पतालों को कई मौके दिए गए और मार्च से ही उन्हें आवश्यक मानक पूरा करने और जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। हालांकि, कई अस्पताल निर्धारित अवधि के भीतर इनका अनुपालन करने विशेषकर सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं जैसे अग्नि शमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने में विफल रहे।
आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत पात्र लोगों को योजना में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में नकदी रहित (कैशलेस) इलाज की सुविधा मिलती है।
पाठक ने कहा, “मरीजों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। इस कार्रवाई का उद्देश्य पैनल में शामिल अस्पतालों की संख्या घटाना नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने कहा कि पैनल से बाहर हुए अस्पताल सभी अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हुए आवश्यक दस्तावेज जमा कर पैनल में शामिल होने के लिए फिर से आवेदन कर सकते हैं।
पाठक ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों में सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
भाषा
राजेंद्र रवि कांत

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